प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण में शहरी क्षेत्र पर अधिक एवं ग्रामीण क्षेत्र में कम सक्रियता दिखाने का खामियाजा अब ग्रामीण क्षेत्र भी भुगतता हुआ दिखाई दे रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर युवा एवं ग्रामीण क्षेत्र पर बहुत अधिक प्रभाव डाल रही है। जहां पहली लहर में अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित, वृद्ध एवं प्रोढ़ अधिक संक्रमित हुए। संक्रमण का सेंटर मेट्रो एवं अन्य बड़े शहर ही रहे। वहीं दूसरी लहर ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकराल रूप दिखा रही है। वृद्धों के बजाय युवाओं को ज्यादा संक्रमित कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शादी विवाह में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क की गाइडलाइन का पूर्णतया पालन नहीं किया गया, इसलिए कोरोना की पहली लहर से अछूता रहा ग्रामीण क्षेत्र दूसरी लहर में बुरी तरह प्रभावित हो गया। ग्रामीण क्षेत्र में शहरी क्षेत्र के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाएं उतनी अच्छी नहीं।

बहरहाल प्रशासन सामाजिक संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी सहयोग लेकर कोरोना से लड़ाई एवं वैक्सीन लगाने के प्रति लोगों को आसानी से जागरूक कर सकता है। क्योंकि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता हर गांव कस्बे में मौजूद हैं। जिनका क्षेत्र में प्रभाव भी रहता है। जिनके माध्यम से लोगों में वैक्सीन के प्रति व्याप्त भय को दूर कर वेक्सीनेशन को बढ़ाया जा सकता है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र किसी के भरोसे नहीं रहते हुए कोरोना को हराने के लिए आम जन को इससे बचने के उपायों पर स्वयं कढ़ाई से पालन करना चाहिए। मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने, बार बार हाथ धोने, अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने से ही संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सकता है।
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