नई दिल्ली/नोएडा: नोएडा (Noida) पुलिस ने सेक्टर-24 इलाके में चल रहे एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने “फ्रेंडशिप क्लब” (Friendship Club) के नाम पर लोगों को अपना शि*कार बनाया। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस (Noida Police) के अनुसार, गैंग में शामिल युवतियां सोशल मीडिया (Social Media) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Online Plateform) के जरिए लोगों से संपर्क करती थीं। पहले दोस्ती (Friendship), फिर मुलाकात का भरोसा… और जैसे ही पीड़ित मिलने पहुंचता, उसे किसी सुनसान स्थान पर ले जाया जाता।
वहीं पहले से मौजूद गैंग के अन्य सदस्य अचानक पहुंचते, मा*रपीट करते, नकदी, मोबाइल और कीमती सामान लू*ट लेते। कई मामलों में पीड़ितों से UPI के जरिए भी पैसे ट्रांसफर (Money Transfer) करवाए गए। पुलिस (Police) का दावा है कि एक मामले में पीड़ित की फॉर्च्यूनर SUV तक लूट ली गई थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गैंग लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। लेकिन बदनामी और शर्मिंदगी के डर से अधिकांश पीड़ित पुलिस तक पहुंचे ही नहीं। यही वजह रही कि गिरोह लगातार सक्रिय रहा।
पुलिस जांच में सामने आया कि अपराध से कमाए गए पैसों से आरोपियों ने लग्जरी कारें (Luxury Cars) खरीदीं और आलीशान जीवन जीना शुरू कर दिया था।
बड़ा सवाल:
क्या ऑनलाइन दोस्ती अब अपराधियों का नया ह*थियार बनती जा रही है?
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन दोस्ती (Online Friendship) करने के बाद कभी भी सुनसान जगह पर मिलने न जाएं। पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक स्थान पर करें, अपने किसी परिचित को लोकेशन जरूर बताएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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