टोंक: देवली-उनियारा (Deoli-Uniara) उपचुनाव (By-Election) के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मा_रने के चर्चित मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा (Naresh Meena) को बड़ा झटका लगा है। टोंक (Tonk) एससी-एसटी कोर्ट (SC/ST Court) ने सोमवार को हाईकोर्ट (High Court) से मिली उनकी सशर्त जमानत रद्द कर दी। कोर्ट ने माना कि जमानत की शर्तों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। अब नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया जाएगा।

नगरफोर्ट थाना पुलिस (Police) ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा था कि झालावाड़ (Jhalawar) स्कूल हादसे के बाद धरने के दौरान नरेश मीणा की गिरफ्तारी हाईकोर्ट की जमानत शर्तों का उल्लंघन है। इसी आधार पर जमानत निरस्त करने की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
फैसले के बाद नरेश मीणा ने कहा कि वह न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हैं और आदेश की प्रति मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत को गुमराह किया है और उनकी गिरफ्तारी को जमानत उल्लंघन के रूप में पेश किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव (Deoli-Uniara Assembly By-Election) के दौरान समरावता (Samrawata) गांव में मतदान (Voting) को लेकर विवाद के बीच नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी (SDM Amit Chaudhry) को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में हिं_सा, आगजनी और पथ_राव हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब जमानत रद्द होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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