सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले के नींदडदा गांव निवासी एवं राजस्थान किसान सभा के राज्य परिषद सदस्य और क्रांतिकारी कॉमरेड कालूराम मीणा ने अपनी पुत्री चायना की शादी जड़ावता निवासी कंवरपाल के पुत्र शिवचरण के साथ पाखंड-आडंबर मुक्त, दहेज मुक्त और बिना किसी दिखावे के पूर्णतः आदिवासी रीत-रिवाज तथा पुरखों की विवाह परम्परा धराड़ी परण – फेरा से गत जुलाई को संपन्न हुई।
इस सामाजिक परिवर्तन की विचारधारा में चायना के चचेरे भाई हरिसिंह बारवाल की सोच व दृढ़ इच्छाशक्ति ने बदलाव को धरातलीय स्वरुप प्रदान किया है। साहित्यकार व सामाजिक चिंतक रंगलाल नेवर और मुकेश पीपल्या ने जानकारी देकर बताया की आदिवासी मीणा समाज की संस्कृति व परंपराए, जो की आधुनिक बनने की होड़ में एकदम गायब हो गई है या अपने अस्तित्व की पहचान खो चुकी है, उन्हीं रीत-रिवाजों व परम्पराओं को स्वयं से पहल करते हुए कालूराम मीणा और हरिसिंह ने अपने परिवार की लाडली चायना बेटी की शादी विशुद्द प्रकृति को समर्पित धराड़ी विवाह – पद्द्ति से पुनर्जीवित कर समाज को पुरखों की संस्कृति की ओर लौटने का सामाजिक परिवर्तन का क्रांतिकारी संदेश दिया है।

प्रकृति संरक्षक सामाजिक संगठन जोहार जागृति मंच ने इस शादी में अपनी महत्वपूर्ण धरातलीय भूमिका निभाई है। जोहार जागृति मंच के नेतृत्व द्वारा प्रकृति के जुड़ाव को आत्मसाक्षत करने व पर्यावरण संरक्षण में हर व्यक्ति की भूमिका तय करने के उदेश्य से बारातियों का जोहार अभिवादन करते हुए प्रत्येक बाराती को आम व जामुन का पौधा दिया गया।
जोहार जागृति मंच द्वारा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, संस्कृति का संरक्षण व संवर्धन, शिक्षा की पहुँच हर घर तथा पर्यावरण उत्थान की पहल पर सामूहिक सहभागिता से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जमनालाल, रामसिंह मास्टर, देवकरण, शिवकरण, आशाराम, पपूलाल, मिंटू, रामबाबू, लोकेश बारवाल, घनस्याम, हरगोविंद, ओमप्रकाश मीणा, हरिसिंह मीणा, रामस्वरूप मीणा, सीताराम मीणा, मंगलचंद सरजोली, धर्मेंद्र मीणा, लल्लूराम मीणा, मुकेश ऐचेड़ी, दिलखुश उनियारा, तेजराम, शंकर लवाण, चन्दलाल चकवाल, प्रहलाद सोनड, भरतलाल दोबडा और नींदडदा गांव के निवासी सहित जोहार जागृति मंच के सदस्य मौजूद रहे।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया