नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर एक पत्रिका में छपे लेख के बारे में बोलने की कोशिश की। राहुल गांधी ने सोमवार को भी कारवां पत्रिका में प्रकाशित भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश पढ़े थे, जिस पर वि*वाद शुरू हो गया था। आज भी जब राहुल दोबारा इस विषय पर बोलने की कोशिश की तो बीजेपी के सांसदों ने इसपर आपत्ति जताई। इसके बाद मचे हं*गामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई थी। स्थगन होने से पहले राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत अहम मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।
पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंधों का सवाल। इस लेख में एक बहुत महत्वपूर्ण बात है, जिसे मैंने प्रमाणित किया है। इसमें प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में कहा गया है। हमारे राष्ट्रपति का संबोधन इस बात पर था कि भारत को किस रास्ते पर चलना है।उन्होंने कहा कि आज वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय मामलों में सबसे बड़ा मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच का टकराव है। यही हमारे राष्ट्रपति के संबोधन का केंद्रीय विषय है। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और उस पर हमारे प्रधानमंत्री ने कैसी प्रतिक्रिया दी, उस बारे में एक बयान देने दीजिए।
मुझे क्यों रोका जा रहा है। इससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा में हं*गामा किया जिसके कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से रोक दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई थी।
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