ईरान: 7 अप्रैल की रात दुनिया एक बड़े युद्ध के खतरे के बीच खड़ी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चेतावनी दी थी कि अगर हालात नहीं बदले तो ईरान (Iran) की पूरी सभ्यता तबाह हो सकती है। इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर लगातार कूटनीतिक कोशिशों में जुटे रहे। कुछ घंटों बाद 8 अप्रैल की सुबह ट्रम्प ने 14 दिन के सीजफायर का ऐलान कर दिया।
बाद में उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका (America) को 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा है। ट्रम्प के मुताबिक यह प्रस्ताव पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन इसमें कुछ अहम बातें हैं जिन पर आगे बातचीत हो सकती है। दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने उसकी शर्तों को स्वीकार कर लिया है और इसे तेहरान अपनी कूटनीतिक जीत मान रहा है।
अमेरिका को भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में 10 शर्तें…
- अमरीका और इजराइल सभी ह*मले रोकें और भविष्य में ईरान पर किसी भी ‘प्रिवेंटिव स्ट्राइक’ नहीं करने की लिखित गारंटी दें।
- ईरान पर लगे सभी परमाणु और आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं, ताकि वह दोबारा वैश्विक तेल बाजार में लौट सके।
- अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा फ्रीज किए गए करीब 100 अरब डॉलर ईरान को वापस किए जाएं। इसमें तेल बिक्री का बकाया पैसा भी शामिल है।
- 14 दिन का मौजूदा सीजफायर केवल अस्थायी न रहे, बल्कि इसे स्थायी शांति समझौते में बदला जाए।
- अमेरिका खाड़ी देशों और इराक से अपने सैन्य ठिकाने हटाए और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थानीय देशों को सौंपे।
- युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका ईरान को हर्जाना दे या तबाह हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा बनाने में मदद करे।
- हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर ईरान का कानूनी और सुरक्षा नियंत्रण बना रहे।
- ईरान जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने देगा, लेकिन हर जहाज को पहले ईरानी सेना से समन्वय करना होगा और अपनी जानकारी साझा करनी होगी।
- होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज से ईरान और ओमान को समुद्री टोल दिया जाए। यह शुल्क करीब 20 लाख डॉलर प्रति जहाज हो सकता है।
- Israel लेबनान, यमन और सीरिया में अपने सैन्य अभियान बंद करे, ताकि पूरे क्षेत्र में तनाव कम हो।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
