Sunday , 8 March 2026
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होम बेस्ड पैलिएटिव केयर वाहिनी को दिखाई हरी झंडी

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले में गंभीर एवं असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों की देखभाल के लिए पेलियेटिव केयर कार्यक्रम के तहत होम बेस्ड पेलियेटिव केयर वाहिनी को प्रारम्भ किया गया है। राज्य सरकार ने असाध्य व गंभीर बीमारियों से ग्रसित बुजुर्गों को घर बैठे उपचार देने की दिशा में ’होम बेस्ड पैलिएटिव केयर’ नामक योजना शुरू की है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे मरीजों को अस्पतालों में भर्ती नहीं रहना पड़ेगा, जिनकी बीमारियों का इलाज अब संभव नहीं है या जिनकी स्थिति ठीक नहीं है।

 

Home based palliative care Vahini gets green signal in sawai madhopur

 

 

 

गंभीर व असाध्य रोगों से ग्रसित लोग, जो अंतिम अवस्था में हो उनका अस्पताल में उपचार करने के बजाय घर पर परिजनों के बीच रखना अधिक बेहतर है। उनको नर्सिंगकर्मी चिकित्सक की ओर से लिखी दवा देने के साथ लेने का तरीका बताएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने मंगलवार को हरी झंडी दिखाकर होम बेस्ड पेलियेटिव केयर वाहिनी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

 

 

 

 

 

इस दौरान सीएमएचओ ने बताया कि यह एक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित सम्पूर्ण देखभाल करने वाली मोबाइल यूनिट है। राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार और लाइलाज बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। यह कार्यक्रम, विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, एड्स, और दीर्घकालिक श्वसन रोगों जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए है।

 

 

मरीजों की ऐसे बनेगी सूची:

जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की सूची तैयार की जाएगी जो अस्पताल जाकर उपचार कराने में असमर्थ हैं या जिनका उपचार अब घर पर किया जाना अधिक प्रभावी होगा। मरीज के अति गंभीर होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवा में बदलाव करेंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पेलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, लकवा सहित असाध्य रोगों के मरीजों की सूची तैयार की जाएगी।

 

 

मुख्य रूप से ये बीमारियां होगी शामिल:

पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पेलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारी, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, बुजुर्गों में मल्टीपल क्रॉनिक डिजीज से जुड़े रोगियों को घर पर रख कर उनका उपचार किया जाएगा। असाध्य रोग से पीड़ित बुजुर्ग मरीज के घर पर रहने के दौरान नर्सिंग कर्मी दर्द, उल्टी, सांस की तकलीफ, बेचैनी आदि से राहत दिलाने के अलावा मरीज और परिवार को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद से दूर रखने का भी कार्य करेंगे।

 

योजना की फैक्ट फाइल:

योजना का नामः होम बेस्ड पेलिएटिव केयर।

लाभार्थीः 70 वर्ष से अधिक आयु के असाध्य रोगी।

प्रमुख सेवाएंः घर पर दवा, जांच, परामर्श, शामिल।

बीमारियांः कैंसर, लकवा, हृदय व किडनी रोग आदि।

विशेष सुविधाः प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मी व मेडिकल टीम घर भेजी जाएगी।

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