सवाई माधोपुर: चेस्ट स्टालवार्ट्स एसोसिएशन, राजस्थान (Rajasthan) के तत्वावधान में जयपुर (Jaipur) में अस्थमा (Asthma) रोग के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित एक चिकित्सा (Medical) संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में अस्थमा की गंभीर एवं जटिल अवस्था के उपचार विषय पर व्याख्यान देने के लिए सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) के वरिष्ठ श्वास एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ (Respiratory and Chest Disease Specialist) डॉ. भरत लाल मथुरिया को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

संगोष्ठी में डॉ. मथुरिया ने अपने व्याख्यान में बताया कि अस्थमा के मरीज यदि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इनहेलर आधारित दवाओं का नियमित रूप से दिन में एक से दो बार उपयोग करें तो रोग की गंभीर स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोटाहेलर (Rotahaler), नेब्यूलाइजर (Nebulizer) और एमडीआई (मीटरड डोज इनहेलर) जैसे उपकरणों की सहायता से दी जाने वाली दवाएं मरीजों को बेहतर जीवन जीने में मदद करती हैं।
उन्होंने बताया कि नियमित उपचार से अस्थमा मरीजों का आत्मविश्वास लौटता है और वे सामान्य जीवनशैली अपना सकते हैं। बच्चे पढ़ाई और खेलकूद में सक्रिय रह सकते हैं, जबकि वयस्क अपने रोजगार और दैनिक कार्यों को बिना किसी बड़ी परेशानी के पूरा कर सकते हैं। इससे तनावपूर्ण जीवन से राहत मिलती है और मरीज स्वस्थ व्यक्ति की तरह सामाजिक गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं।
चेस्ट स्टालवार्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि संगोष्ठी में जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब 50 वरिष्ठ फेफड़ा रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने डॉ. भरत लाल मथुरिया के व्याख्यान को अस्थमा मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक प्रयास बताया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ थोरेसिक सर्जन डॉ. एस. के. सरकार ने डॉ. भरत लाल मथुरिया को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान को सवाई माधोपुर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
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