Thursday , 23 April 2026
Breaking News

किसान 15 अक्टूबर तक अनुकूल परिस्थिति में करें सरसों की उन्नत खेती

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले में सरसों तिलहनी फसलों में प्रमुख स्थान रखती है। जिले में लगभग 1.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई की जाती है। यह फसल कम लागत और कम सिंचाई में भी अधिक लाभ देती है। संयुक्त निदेशक कृषि राकेश कुमार अटल ने खाद एवं उर्वरक प्रबंधन के संबंध में बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं उवर्रक उपलब्ध है। कोई भी किसान खाद बीज व उवर्रक की उपलब्धता को लेकर चिंतित न हो।

 

Farmers should do advanced mustard cultivation under favorable conditions till October 15.

 

 

एक बीघा क्षेत्र के लिए डीएपी 23 किलो प्लस यूरिया 35 किलो। यदि डीएपी उपलब्ध न हो तो सुपर फॉस्फेट 63 किलो प्लस यूरिया 44 किलो का उपयोग करें। सुपर फॉस्फेट के उपयोग से तिलहनी फसलों में तेल की मात्रा बढ़ती है एवं मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। इसके अतिरिक्त सल्फर 10 किलो, जिंक सल्फेट 5 किलो प्रति बीघा डालें। जैविक खाद (गोबर/वर्मी कम्पोस्ट 2-2.5 टन प्रति बीघा) बुवाई से पूर्व खेत में मिलाएं।

 

 

नत्रजन की आधी मात्रा बुवाई के समय व शेष पहली सिंचाई के साथ दें। फसल सुरक्षा के लिए भूमिगत कीट एवं दीमक नियंत्रण हेतु बुवाई से पूर्व एक बीघा में क्यूनालफॉस डस्ट 6 किलो खेत में मिलाएं। रोग प्रबंधन हेतु सल्फर व जिंक का प्रयोग लाभकारी है। कृषि विभाग द्वारा किसान को सलाह दी गई है कि वे समय पर उन्नत किस्मों की बुवाई करें, अनुशंसित मात्रा में खाद-उर्वरक डालें तथा सिंचाई प्रबंधन पर ध्यान देकर उच्च उत्पादन प्राप्त करें।

 

सरसों की उन्नत किस्मों का करे उपयोग:

उन्होंने बताया कि सरसों के लिए 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान अंकुरण हेतु उपयुक्त है। यह फसल सिंचित व असिंचित दोनों परिस्थितियों में सफलतापूर्वक ली जाती है। अच्छे जल निकास वाली दोमट व हल्की दोमट भूमि उपयुक्त रहती है। सरसों की प्रमुख किस्में अरावली टी-59 (वरुणा), पूसा बोल्ड, आरएच-30, आरएच-725, पूसा जय किसान, आरएन-505, आरजीएन-145, वसुंधरा, जगन्नाथ, नवगोल्ड, एनआरसीडीआर-2, गिरिराज आदि किस्में जिले में सफलतापूर्वक बोई जाती हैं।

 

किसान भाई अपने क्षेत्र की सिंचित/असिंचित परिस्थितियों और बुवाई समय के अनुसार उपयुक्त किस्मों का चयन करें। बुवाई का समय असिंचित क्षेत्र में 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर, सिंचित क्षेत्र में अक्टूबर अंत तक विलम्ब से बोई गई सरसों में उपज हानि व कीट-रोग का प्रकोप अधिक होता है।

बीज मात्रा एवं बीजोपचार:

बीज की मात्रा 1 से 1.25 किग्रा प्रति बीघा। बीजोपचार 2 ग्राम मैन्कोजेब या 3 ग्राम थाइरम प्रति किलो बीज अथवा 6 ग्राम एप्रोन 35 एसडी से उपचार करें। रोगनाशी के साथ 6 से 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलो बीज का प्रयोग लाभकारी है।

About Vikalp Times Desk

Check Also

New 'king' of the jungle Cheetah KP-3 sets up camp in Shergarh Wildlife Sanctuary

जंगल में नया ‘राजा’? चीता KP-3 ने शेरगढ़ में जमाया डेरा, 2 खरगोशों का किया शि*कार

कोटा: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से निकलकर बारां …

Sawai madhopur acb action on nadoti sdm Kajal Meena Karuali News 17 April 26

1 लाख मांगे, 60 हजार में पकड़ी गई SDM काजल मीणा, ACB ने ऐसे बिछाया जाल

करौली: करौली जिले के नादौती में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सवाई …

lecturer suspended dowry kundera police Husband wife sawai madhopur news

पत्नी की शिकायत पड़ी भारी, दहेज लेने के आरोप लेक्चरर सस्पेंड

सवाई माधोपुर: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने दहेज लेने के आरोप में एक लेक्चरर को …

Unique initiative by Sawai Madhopur SP Jyeshtha maitrei police personnel will now be able to celebrate special days with their families.

एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की अनूठी पहल, पुलिसकर्मी अब परिवार के साथ मना सकेंगे खास दिन

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) में पुलिसकर्मियों के लिए एक सकारात्मक और मानवीय पहल …

Tragic incident in district hospital Sawai Madhopur Pregnant Woman New Born Baby 14 April 26

जिला अस्पताल में दर्दनाक घटना, प्रसूता और नवजात की मौ*त, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) के जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में प्रसूता और …

error: Content is protected !! Contact Vikalp Times Team !