टोंक: देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव (Deoli-Uniara Assembly by Election) के दौरान एसडीएम (SDM) को थप्पड़ मारने के चर्चित मामले में आरोपी नरेश मीणा (Naresh Meena) गुरुवार, 6 अगस्त को टोंक (Tonk) जिले के नगरफोर्ट थाने (Nagarfort Tahana Police) में सरेंडर करेंगे। एससी/एसटी कोर्ट द्वारा (ST/SC Court) उनकी सशर्त जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण का फैसला लिया है।

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने करीब नौ महीने पहले नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी। हालांकि, झालावाड़ (Jhalawar) में स्कूल हादसे के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान दोबारा गिरफ्तारी को जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए टोंक की एससी/एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत निरस्त कर दी।
इधर, कोर्ट के निर्देश पर नगरफोर्ट थाना पुलिस नरेश मीणा की चल एवं अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड भी जुटा रही है। इस संबंध में 20 जून 2026 को बारां (Baran) जिले की ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, मोठपुर के सरपंच (प्रशासक) को पत्र भेजकर संपत्ति का विवरण मांगा गया है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
समर्थकों द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नरेश मीणा गुरुवार सुबह जयपुर (Jaipur) से रवाना होकर टोंक के रास्ते करीब 11 बजे नगरफोर्ट पहुंचेंगे और थाने में सरेंडर करेंगे।
यह मामला 13 नवंबर 2024 के देवली-उनियारा (Deoli-Uniara) विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि समरावता गांव (Samravta Village) में मतदान (Voting) को लेकर हुए विवाद के दौरान तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को नरेश मीणा ने थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद 14 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले में 60 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि नरेश मीणा को बाद में हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी।
नरेश मीणा के समर्थकों का आरोप है कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कार्रवाई कर रही है। वहीं उनके अधिवक्ता फतेहराम मीणा ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नरेश मीणा सरेंडर करेंगे और उसी दिन जमानत याचिका भी दाखिल की जाएगी। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि उन्हें कानूनी राहत मिलेगी।
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