कोटा: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) में राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) की बेटी अरुंधति चौधरी (Arundhati Choudhary) ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला बॉक्सिंग (Women Boxing) के 70 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड (England) की खिलाड़ी को तीनों राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए हराकर गोल्ड मेडल (Gold Medal) अपने नाम किया। इसके साथ ही अरुंधति कॉमनवेल्थ गेम्स (CommonWeath Games) में बॉक्सिंग (Boxing) का गोल्ड जीतने वाली राजस्थान की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

जीत के बाद अरुंधति ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद भावुक करने वाला है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से उनका एक ही सपना था कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके भार वर्ग में भारत (India) का राष्ट्रगान (National Anthem) बजे। पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान सुनना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य इसी लय को बनाए रखते हुए ओलिंपिक (Olympic) में पदक जीतना है। अरुंधति ने बताया कि मुकाबलों के दौरान वह “जय बजरंगबली” का जयकारा लगाकर खुद को मानसिक रूप से मजबूत महसूस करती थीं। वजन नियंत्रित रखने के कारण उन्हें लंबे समय तक खानपान पर नियंत्रण रखना पड़ा और अब वह घर का खाना खाने का इंतजार कर रही हैं।
अरुंधति की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके चाचा दिनेश चौधरी, बहन और छोटे भाई सहित सभी ने जीत का जश्न मनाया। उनकी बहन डॉ. चारू चौधरी ने बताया कि फाइनल मुकाबले से पहले अरुंधति को 102 डिग्री बुखार था। उन्होंने दवा लेने के बाद रिंग में उतरकर मुकाबला खेला और गोल्ड मेडल जीतकर सभी को गौरवान्वित किया।
बास्केटबॉल से बॉक्सिंग तक का सफर:
अरुंधति के पिता सुरेश चौधरी ने बताया कि बचपन से ही वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी रुचि रखती थीं। स्प्रिंग डेल स्कूल में छठी कक्षा के दौरान वह बास्केटबॉल टीम की कप्तान थीं और उनकी कप्तानी में टीम ने जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने व्यक्तिगत खेल चुनने का फैसला किया और पिता की सलाह पर बॉक्सिंग को अपना करियर बनाया।
कोच नहीं मिला तो यूट्यूब से सीखी तकनीक:
पिता ने बताया कि उस समय कोटा में बॉक्सिंग का न तो माहौल था और न ही कोई प्रशिक्षक उपलब्ध था। कोटा, जयपुर (Jaipur) और भोपाल (Bhopal) तक कोच की तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद स्थानीय ताइक्वांडो कोच अशोक गौतम ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने यूट्यूब (Youtube) पर बॉक्सिंग की तकनीकों का अध्ययन कर अरुंधति को प्रशिक्षण देना शुरू किया।
इस मेहनत का परिणाम वर्ष 2017 में देखने को मिला, जब रोहतक (Rohtak) में आयोजित अपने पहले नेशनल टूर्नामेंट (National Tournament) में अरुंधति ने हरियाणा की मजबूत प्रतिद्वंद्वी को पहले ही राउंड में नॉकआउट कर दिया। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन्हें उन्नत प्रशिक्षण के लिए यूक्रेन भेजने का चयन किया। आज उसी संघर्ष और समर्पण का परिणाम है कि अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर राजस्थान और देश का नाम रोशन किया।
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