जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में पंचायत (Panchayat Election) और निकाय चुनावों (Civic Election) को लेकर हाईकोर्ट (High court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को निर्देश देते हुए कहा है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में कराए जाएं। इसके साथ ही कोर्ट ने ओबीसी आयोग को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए हैं।

यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया। इससे पहले 11 मई को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल, हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि सरकार तय समय सीमा में चुनाव नहीं करा सकी और चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी थी कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, जिसके चलते आरक्षण निर्धारण का काम पूरा नहीं हो पाया। इसके अलावा सरकार ने स्टाफ, स्कूल, ईवीएम और अन्य संसाधनों की उपलब्धता का हवाला देते हुए चुनाव आगे बढ़ाने की मांग की थी। सरकार ने कोर्ट से दिसंबर 2026 तक का समय मांगा था। सरकार की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि सितंबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में बाद में चुनाव कराने से ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ (One State One Election) की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।
वहीं, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने कोर्ट में कहा कि राज्य सरकार पिछले डेढ़ साल से जानबूझकर चुनाव टाल रही है। राज्य चुनाव आयोग ने भी सरकार के पक्ष का समर्थन करते हुए हाईकोर्ट में कहा था कि ओबीसी आरक्षण तय हुए बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। आयोग ने भी चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग की दलीलों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराए जाएं।
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