टोंक: Tonk में एक व्यक्ति की हार्ट अटै*क (Heart Attack) से मौ*त के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृ*तक के परिजनों ने यातायात पुलिसकर्मी (Traffic Police) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अस्पताल ले जाते समय उन्हें रास्ते में रोक लिया गया, जिससे इलाज में देरी हुई और मरीज की जान नहीं बच सकी।

मृ*तक के बेटे महेंद्र यादव का आरोप है कि 14 जून को उनके पिता शिवजी लाल यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द होने लगा। वह उन्हें बाइक से टोंक के सआदत अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान छावनी चौराहे के पास यातायात पुलिसकर्मी ने बाइक रुकवा ली और चाबी छीन ली। महेंद्र का कहना है कि उन्होंने पिता की गंभीर हालत बताते हुए तत्काल जाने देने की गुहार लगाई, लेकिन कथित रूप से चालान की कार्रवाई पूरी होने तक उन्हें रोके रखा गया।
परिजनों का आरोप है कि इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। बाद में अस्पताल पहुंचने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौ*त हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था और प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अ*टैक माना गया है।
वहीं, यातायात पुलिसकर्मी राजकुमार शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि बुजुर्ग की हालत गंभीर प्रतीत नहीं हो रही थी और बाइक की चाबी छीनने जैसी कोई घटना नहीं हुई। मामले को लेकर टोंक पुलिस (Tonk Police) प्रशासन का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।
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