उत्तर प्रदेश: Uttar Pradesh के लखीमपुर खीरी (lakhimpur kheri) में 19 साल पुराने एक द*हेज मृ*त्यु मामले से जुड़ा अजीबोगरीब घटनाक्रम सामने आया है। अदालत (Court) में पुलिस (UP Police) ने दावा किया कि जब्त किए गए सोने के जेवरों (Gold Jewellery) में से कुछ बारिश (Rain) में खराब हो गए, जबकि कुछ जेवरों की पोटली बंदर उठाकर ले गए। मामले को लेकर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई है।

दरअसल, वर्ष 2007 में एक महिला की मौ*त के बाद पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके शरीर से उतारे गए सोने (Gold) के जेवर पुलिस (UP Police) के मालखाने में जमा कराए गए थे। बाद में द*हेज मृ*त्यु मामले में सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। इसके बाद अदालत ने जब्त जेवर संबंधित पक्ष को लौटाने के निर्देश दिए थे।
जेवरों की सुपुर्दगी की प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि मालखाने की कुछ पोटलियां बारिश में भीग गई थीं, जिन्हें सुखाने के लिए छत पर रखा गया था। इसी दौरान कुछ जेवर कथित रूप से खराब हो गए, जबकि कुछ पोटलियां बंदर (Monkey) उठा ले गए। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट नहीं हो सकते।
कोर्ट ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि अदालत के आदेश के बावजूद अब तक क्षतिपूर्ति और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिसके बाद प्रभावित पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी कर रहा है।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया