नई दिल्ली: Delhi में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों (Students Protest) के बाद अब एक और बड़े प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (Delhi Taxi and Tourist Transporters and Tour Operators Association) ने 4 अगस्त 2026 को संसद मार्च (Sansad March) निकालने का ऐलान किया है। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार (Government of India) की E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के खिलाफ किया जाएगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देशभर के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और वाहन मालिकों ने E20 (Ethanol) ईंधन के इस्तेमाल के बाद माइलेज कम होने, मेंटेनेंस खर्च बढ़ने और इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित होने जैसी शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका कहना है कि 2015 से पहले बनी अधिकांश गाड़ियां E20 (E20 Petrol) ईंधन के अनुकूल नहीं हैं, जबकि यह ईंधन मुख्य रूप से नए मॉडलों के लिए उपयुक्त है।
स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा की मांग:
संजय सम्राट ने कहा कि एसोसिएशन की प्रमुख मांग E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति की स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा कराना है। उनका कहना है कि इस समीक्षा में वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, उपभोक्ताओं, ऑटोमोबाइल कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता पेट्रोल (Petrol) की पूरी कीमत चुका रहे हैं तो उन्हें अनिवार्य रूप से मिश्रित ईंधन (Ethaol Petrol) क्यों दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पहले से बढ़ती परिचालन लागत के बीच यह नीति ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
स्पीड लिमिट और अन्य नियमों की समीक्षा की मांग
एसोसिएशन के सदस्य जितेंद्र बॉबी ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (All India Tourist Permit) वाली टैक्सियों (Taxi) और बसों (Bus) के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड लिमिट (Speed Limit) पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि आधुनिक एक्सप्रेसवे (ExpressWay) पर निजी वाहनों को अधिक गति की अनुमति है, जबकि कमर्शियल टूरिस्ट वाहनों पर अब भी पुरानी सीमाएं लागू हैं, जिससे कारोबार और यात्रियों दोनों पर असर पड़ता है।
इसके अलावा एसोसिएशन ने पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) की व्यवस्था की ऑडिट, व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी की समीक्षा, BS-IV डीजल टूरिस्ट वाहनों पर लगी पाबंदियों में बदलाव तथा टोल टैक्स कम करने की भी मांग उठाई है।
शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगा प्रदर्शन:
संजय सम्राट ने स्पष्ट किया कि 4 अगस्त का संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगा। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और यह आंदोलन केवल कमर्शियल वाहन संचालकों और ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े वास्तविक मुद्दों को सरकार के सामने रखने के लिए किया जा रहा है।
एसोसिएशन ने देशभर की टैक्सी, बस और ट्रक यूनियनों से इस विरोध मार्च में शामिल होने की अपील की है। संगठन का दावा है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर और वाहन चालक हिस्सा लेंगे।
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