जयपुर: विदेश में अच्छी नौकरी (Job in Foreign) और मोटी सैलरी (Salary) का सपना देखने वाले युवाओं को राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने साइबर ठ_गों के नए जाल से सावधान किया है। पुलिस (Police) के मुताबिक दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में सक्रिय साइबर गिरोह युवाओं को फ_र्जी नौकरी (Job) का लालच देकर विदेश बुलाते हैं और वहां पहुंचने के बाद उन्हें ‘साइबर स्लेवरी’ यानी डिजिटल गुलामी में धकेल देते हैं।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्रा_इम शाखा ने एडवाइजरी जारी कर युवाओं और उनके परिजनों से सतर्क रहने की अपील की है।
नौकरी का झां_सा, विदेश पहुंचते ही पासपोर्ट जब्त:
एडीजी साइबर क्रा_इम वीके सिंह के अनुसार साइबर गिरोह बेरोजगार युवाओं को डेटा एंट्री (Data Entry), कस्टमर सपोर्ट (Customer Support), IT जॉब, होटल वेटर और वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) जैसी नौकरियों का झां_सा देते हैं। आकर्षक सैलरी के साथ मुफ्त रहने और दूसरी सुविधाओं का लालच दिया जाता है।
कई मामलों में युवाओं को रोजगार वीजा (Employment Visa) की जगह टूरिस्ट वीजा (Tourist Visa) पर विदेश (Foreign) भेज दिया जाता है। वहां पहुंचते ही उनका पासपोर्ट (Passport), मोबाइल (Mobile) और अन्य दस्तावेज छीन लिए जाते हैं। इसके बाद उन्हें बं_धक बनाकर जबरन ऑनलाइन साइबर ठ_गी कराई जाती है।
सोशल मीडिया पर बिछाया जाता है जा_ल:
पुलिस के अनुसार ठ_ग फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram), टेलीग्राम (Telegram) और वॉट्सऐप (Whatsapp) के जरिए फ_र्जी जॉब विज्ञापन (Job Advertisement) फैलाते हैं। कई बार ऐसे विज्ञापन दूसरे माध्यमों में भी प्रकाशित किए जाते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवा इनके झां_से में आकर अपनी निजी जानकारी और दस्तावेज तक साझा कर देते हैं।
विदेश पहुंचने के बाद पीड़ितों से मेट्रिमोनियल फ्रॉ_ड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉ_ड, डिजिटल अ_रेस्ट स्कै_म, क्रिप्टो फ्रॉ_ड और सोशल मीडिया (Social Media) स्कै_म जैसे साइबर अपराध करवाए जाते हैं।
टारगेट पूरा नहीं हुआ तो मा_रपीट और ध_मकी:
साइबर ठ_ग पीड़ितों को रोजाना ऑनलाइन ठ_गी का टारगेट देते हैं। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर उनके साथ मा_रपीट, ध_मकी और मानसिक प्रताड़ना की जाती है। कुछ मामलों में भारत में रह रहे पीड़ितों के परिजनों से फि_रौती तक मांगी जाती है।
विदेश जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान:
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि विदेश में नौकरी का ऑफर मिलने पर एजेंट और कंपनी की पूरी जानकारी सत्यापित करें। वीजा किस प्रकार का है, इसकी भी जांच करें। बिना सत्यापन के किसी अनजान व्यक्ति को पासपोर्ट, बैंक डिटेल या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज न दें।
अगर कोई व्यक्ति साइबर स्लेवरी या जॉब फ्रॉ_ड में फंस जाता है तो तत्काल भारतीय दूतावास/विदेश मंत्रालय से संपर्क करने के साथ संबंधित पुलिस थाना, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्रा_इम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें। साइबर ठगी की सूचना 1930 पर भी दी जा सकती है। राजस्थान पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क के नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए गए हैं।
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