दौसा: विश्व आदिवासी दिवस (World Tribal Day) के अवसर पर नांगल प्यारीवास स्थित मीणा हाईकोर्ट (Meena HighCourt) परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा (Dr. Kirodi Lal Meena) के जीवन और संघर्ष पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा। आयोजन में राजस्थान (Rajasthan) सहित अन्य राज्यों से आदिवासी समाज (Adivasi Samaj) के लोग पहुंचे हैं।

कार्यक्रम के दौरान महवा विधायक राजेंद्र मीणा की पोती स्नेहल ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आगमन पर ‘फूल बिछाओ स्वागत में’ गीत पर डांस कर उनका स्वागत किया। इससे पहले हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार (Renuka Pawar) ने भी प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में उनका यह पहला शो है और हरियाणवी गाने (Hariyanvi Song) राजस्थान में खूब सुने जाते हैं।
जगमोहन मीणा ने सुनाया मीणा हाईकोर्ट का इतिहास:
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा (Jagmohan Meena) ने कहा कि मीणा हाईकोर्ट किसी एक जाति या समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के लिए है। उन्होंने इसके इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यहां पंच-पटेलों ने ह_त्या के आरोपियों को सजा सुनाई थी। बाद में पुलिस पंच-पटेलों को गिरफ्तार कर ले गई। इसके बाद किरोड़ी लाल मीणा समर्थकों के साथ जयपुर (Jaipur) कूच के लिए निकले और पुलिस (Rajasthan Police) को पंच-पटेलों को छोड़ना पड़ा। इसके बाद इसका नाम ‘मीणा हाईकोर्ट’ पड़ा।
जगमोहन मीणा ने कहा कि अब परिसर छोटा पड़ने लगा है और इसका विस्तार करने की जरूरत है। यहां से ऐसे बच्चे तैयार किए जाएंगे, जो समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। उन्होंने युवाओं से न_शे से दूर रहने और संस्कारों के साथ देश व समाज को आगे बढ़ाने की अपील की।
70 बीघा में आयोजन, एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था:
आयोजकों के अनुसार करीब 70 बीघा क्षेत्र में फैले परिसर में दो बड़े डोम बनाए गए हैं, जिनमें करीब एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था है। कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए करीब 400 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। बाहर से आने वाले लोगों के लिए चार पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
लालसोट विधायक रामबिलास मीणा ने युवाओं से रील बनाने के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग रील (REEL) बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन युवाओं को शिक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
100 हलवाई तैयार कर रहे प्रसादी
कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए भोजन की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक करीब 100 हलवाई पिछले तीन दिनों से भोजन तैयार करने में जुटे हैं। प्रसादी में दाल, पूरी और सब्जी परोसी जाएगी। इसके लिए करीब 800 किलो चीनी, 1,500 किलो आटा, 200 पीपे तेल, 80 पीपे घी और 800 किलो बेसन की व्यवस्था की गई है। भोजन तैयार करने और परोसने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवकों ने संभाली है।
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