दौसा: राजस्थान (Rajasthan) की चर्चित RAS अधिकारी पिंकी मीणा (Pinki Meena) को दौसा सहायक कलेक्टर (Assistant Collector, Dausa) के पद पर जॉइनिंग से पहले ही प्रशासनिक कारणों से एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया गया है। कार्मिक विभाग (Personnel Department) की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में उन्हें प्रशासनिक कारणों के चलते एपीओ (APO) किए जाने की जानकारी दी गई है। पिंकी मीणा का हाल ही में सहायक कलेक्टर दौसा (Dausa) के पद पर तबादला किया गया था, लेकिन नई जिम्मेदारी संभालने से पहले ही सरकार ने उन्हें एपीओ कर दिया।

पिंकी मीणा के एपीओ (Pinki Meena APO) किए जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर इसलिए कि उनकी नई पोस्टिंग उसी जिले में की गई थी, जहां वर्ष 2021 में वे चर्चित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai ExpressWay) हाईवे घूस_कांड में एसीबी (ACB) की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार हुई थीं।
11 अगस्त को हुआ था दौसा तबादला:
पिंकी मीणा 2017 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी हैं। 11 अगस्त को उनका तबादला प्रशासनिक सुधार विभाग, सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) के सहायक निदेशक पद से सहायक कलेक्टर, दौसा के पद पर किया गया था।
तबादला आदेश के बाद उन्हें दौसा में नई जिम्मेदारी संभालनी थी। हालांकि, तबादले के महज तीन दिन बाद ही कार्मिक विभाग ने उन्हें एपीओ कर दिया। सरकार की ओर से इसके पीछे केवल प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। आदेश में एपीओ किए जाने की कोई विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
2021 में घू_सकांड में हुई थी गिरफ्तारी:
पिंकी मीणा उस समय सुर्खियों में आई थीं, जब वर्ष 2021 में बांदीकुई (Bandikui) SDO रहते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उन्हें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े कथित घू_सकांड में गिरफ्तार किया था।
इस मामले में एक अन्य RAS अधिकारी पुष्कर मित्तल को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद राज्य सरकार (Government of Rajasthan) ने पिंकी मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे लंबे समय तक निलंबन में रहीं।
करीब साढ़े पांच साल तक सस्पेंड रहीं:
पिंकी मीणा 15 जनवरी 2021 से 25 मई 2026 तक करीब साढ़े पांच साल निलंबित रहीं। इसके बाद सरकार ने जून 2026 में उनकी बहाली की। बहाली के बाद 26 जून को उन्हें प्रशासनिक सुधार विभाग में सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक पद पर पोस्टिंग दी गई। करीब डेढ़ महीने बाद 11 अगस्त को उनका तबादला दौसा सहायक कलेक्टर के पद पर कर दिया गया। हालांकि, दौसा में पदभार संभालने से पहले ही उन्हें एपीओ कर दिया गया।
दौसा पोस्टिंग को लेकर पहले भी उठे थे सवाल:
पिंकी मीणा की दौसा में पोस्टिंग सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक हलकों में इसको लेकर सवाल उठने लगे थे। इसकी प्रमुख वजह वर्ष 2021 का वही घू_सकांड था, जिसमें वे बांदीकुई SDO रहते हुए एसीबी की कार्रवाई में गिरफ्तार हुई थीं।
अब जॉइनिंग से पहले ही एपीओ किए जाने के बाद इस मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, सरकार के आदेश में एपीओ करने के पीछे सिर्फ प्रशासनिक कारणों का उल्लेख किया गया है। फिलहाल सरकार की ओर से इस फैसले को लेकर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
पिंकी मीणा का मामला वर्ष 2021 में सामने आए चर्चित घू_सकांड से जुड़ा रहा है और लंबे निलंबन के बाद उनकी बहाली तथा उसके बाद हुई पोस्टिंग लगातार चर्चा में रही है। अब दौसा सहायक कलेक्टर के पद पर जॉइनिंग से पहले एपीओ किए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
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