आईएफडब्ल्यूजे के 77वें स्थापना दिवस पर शहीद स्मारक में होगा आयोजन, दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि देकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
जयपुर: पत्रकारों की सुरक्षा (Safety for Journalists), सम्मान, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (Indian Federation of Working Journalists) की राजस्थान (Rajasthan) प्रदेश इकाई की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जयपुर (Jaipur) के शहीद स्मारक पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संगठन के 77वें स्थापना दिवस पर सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर की जिला इकाइयों से सैकड़ों पत्रकार शामिल होंगे।

आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ (Upender Singh Rathore) ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद पत्रकार (Journalists) सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकारों की आजीविका एवं रोजगार संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और पत्रकारों के खिलाफ कथित उत्पीड़न व प्रतिशोधात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने जैसी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
दिल्ली में प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम स्थगित:
राठौड़ ने बताया कि स्थापना दिवस (IFWJ Foundation Day) पर नई दिल्ली (New Delhi) के जंतर-मंतर Jantar Mantar) पर प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम को मौजूदा परिस्थितियों और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) एवं सरकार (Government of India) की ओर से जारी परामर्शों के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। अब 28 अक्टूबर को देशभर की प्रदेश इकाइयां अपने-अपने प्रदेश मुख्यालयों पर स्थापना दिवस मनाएंगी। राष्ट्रीय स्तर का संयुक्त समारोह इस वर्ष के अंत में दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
दिल्ली में पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर चिंता:
आईएफडब्ल्यूजे ने 10 से 15 अक्टूबर के बीच नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ कथित हिं_सा, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, उपकरण जब्त करने और हिरासत में लेने की घटनाओं पर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को कम से कम 30 पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। संगठन ने दिल्ली पुलिस से हिरासत के कानूनी आधार, अवधि और संबंधित पत्रकारों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
राठौड़ ने सर्वोच्च न्यायालय के निकट 12 अक्टूबर को महिला पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत पर भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने संबंधित सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा शिकायतकर्ता को ध_मकी और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से संरक्षण देने की बात कही।
प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग:
राठौड़ ने कहा कि पत्रकारों के साथ हिं_सा, ध_मकियों और उत्पीड़न की शिकायतों को देखते हुए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून समय की आवश्यकता है। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, स्वतंत्र, फ्रीलांस और क्षेत्रीय भाषाओं में काम करने वाले पत्रकारों को समान संरक्षण मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ हिं_सा, ध_मकी, गैरकानूनी हिरासत और पेशेवर उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई, समयबद्ध प्राथमिकी, निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
पत्रकारों की आजीविका और सेवा सुरक्षा का मुद्दा भी उठेगा:
संगठन ने पत्रकारों की आजीविका, रोजगार, वेतन, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बताया है। राठौड़ ने जयपुर के शहीद स्मारक पर पत्रकारों की आजीविका से जुड़े मुद्दे को लेकर आईएफडब्ल्यूजे के 19 दिवसीय धरने का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारों के कथित दुरुपयोग और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने श्रमजीवी पत्रकारों के वेतन, रोजगार सुरक्षा और सेवा शर्तों के लिए आधुनिक वैधानिक व्यवस्था बनाने की मांग भी दोहराई। संगठन के अनुसार, बदलते मीडिया परिदृश्य में डिजिटल और स्वतंत्र पत्रकारों सहित सभी श्रेणियों के पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान होने चाहिए।
राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर बनाने की मांग:
आईएफडब्ल्यूजे ने वास्तविक पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर गठित करने की मांग की है। राठौड़ ने कहा कि इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, स्वतंत्र, फ्रीलांस और क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकारों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए तथा इसका इस्तेमाल पत्रकारिता की स्वतंत्रता सीमित करने या राजनीतिक आधार पर मान्यता देने के लिए नहीं होना चाहिए।
पत्रकार एकता का संदेश देगा स्थापना दिवस:
राठौड़ ने बताया कि आईएफडब्ल्यूजे की स्थापना 28 अक्टूबर 1950 को हुई थी। संगठन का 77वां स्थापना दिवस पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी रखने के संकल्प के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने प्रदेश की सभी जिला इकाइयों के पदाधिकारियों, सदस्यों और पत्रकारों से 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शहीद स्मारक, जयपुर पहुंचने की अपील की। राठौड़ ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता और संगठित प्रयास जरूरी हैं। केंद्र और राज्य सरकारों को पत्रकारों की लंबित मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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