कोटा: फलोदी बस हादसे (Phlodi Bus Accident) के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए कोटा (Kota) में निजी स्लीपर बसों (Sleeper Bus) के खिलाफ दूसरे दिन भी संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग (Transport Department) और यातायात पुलिस (Traffic Police) की टीम ने हाईवे पर संचालित बसों की सघन जांच की। कार्रवाई के दौरान दो बसों को सीज किया गया, जबकि अन्य बसों के चालान काटे गए।

जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर बाबू ट्रेवल्स और जाखड़ ट्रेवल्स की एक-एक बस को सीज किया गया। वहीं, विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर चार बसों के चालान काटे गए, जिनकी कुल राशि करीब 40 हजार रुपये रही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान बसों में इमरजेंसी गेट, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, लगेज क्षमता, सीटिंग व्यवस्था और अवैध मॉडिफिकेशन की बारीकी से जांच की गई। जिन बसों में इमरजेंसी गेट बाधित मिला या उसके सामने सीट अथवा स्लीपर बर्थ बनाकर रास्ता रोका गया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार मित्तल, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र पुरोहित, यातायात निरीक्षक पूरण सिंह, परिवहन निरीक्षक परवीन अख्तर सहित परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
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