Saturday , 5 September 2026
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वेटिंग टिकट के साथ अब स्लीपर में भी चढ़ना गैरकानूनी  

नई दिल्लीः एक जुलाई से रेलवे के कई नियमों में बदलाव किया गया है। नियमों में सबसे ज्यादा चर्चा में यह है कि रेलवे काउंटर से भी लिया गया वेटिंग टिकट अब मान्य नहीं होगा। रेल से यात्रा करने वाले यात्री अब स्लीपर क्लास में इस टिकट से सफर नहीं कर सकते हैं। ऐसे में अब यात्रियों को टिकट कैंसिल कराकर पैसा वापस लेना होगा। अन्यथा अगर आप सफर कर रहे है तो टीटी यात्री को उतारकर आपको जनरल कोच में भेज देंगे।

 

 

इस नियम की सोशल मीडिया पर खासी चर्चा है। नियमों में बदलाव के बावजूद भी अभी भी यात्री रेलवे के काउंटर से ली गई वेटिंग टिकट पर स्लीपर क्लास में मजे से सफर कर रहे हैं। अगर आप भी ऐसा करते हे तो अब सतर्क हो जाएं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वेटिंग टिकट पर प्रतिबंध अंग्रेजों के जमाने से है, लेकिन इस नियम का सख्ती से पालन नहीं हो रही है।

 

 

Waiting Ticket Passengers Travel train New rules

 

 

 

नई दिल्ली से गया की ओर जाने के लिए आज बुधवार 10 जुलाई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ी महाबोधि एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बैठे सलीम ने जानकारी देते हुए बताया कि कंफर्म टिकट नहीं मिला तो काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर कोच में सफर कर रहे हैं। 2 दिन पहले वे बिहार से वेटिंग टिकट पर ही नई दिल्ली आए हुए थे। उनका कहना है कि यदि वेटिंग टिकट पर ट्रेन में सफर करना प्रतिबंध है तो रेलवे को वेटिंग टिकट देना ही नहीं चाहिए या अन्य ट्रेन की व्यवस्था करनी चाहिए।

 

 

 

वेटिंग वाले यात्रियों से जनरल कोच में तब्दील हो रहे है स्लीपर कोचः 

पूर्वांचल और बिहार समेत अन्य रूट की ट्रेनों में अकसर लंबी वेटिंग होती है। कंफर्म सीट नहीं मिलने पर लोग रेलवे के काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर कोच में सफर करते हैं। एक कोच में 72 सीट होती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या 150 तक या उससे अधिक हो जाती है। जिससे लगता है यह स्लीपर कोच नहीं जनरल कोच है। इससे उन यात्रियों को परेशानी होती है जिनकी सीट कंफर्म हुई होती है।

 

 

नई दिल्ली से कानपुर जाने के लिए महाबोधि एक्सप्रेस में सवार हुए संजय शुक्ला ने बताया कि स्लीपर कोच में वेटिंग वालों के प्रवेश करने से जिन लोगों की सीट कंफर्म होती है उनके लिए भी समस्या होती है। साथ ही वेटिंग वालों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। रेलवे को वेटिंग वालों के लिए अतिरिक्त कोच लगाने चाहिए या कोई अन्य इंतजाम करना चाहिए।

 

 

 

सख्ती से नियमों का पालन नहीं करवाना भी एक बड़ी वजह:

रेलवे से सेवानिवृत्ति मेंबर ऑफ ट्रैफिक शांति नारायण के अनुसार वेटिंग टिकट पर किसी भी कोच में सफर करने की अनुमति नहीं है। चाहे वह स्लीपर हो या एसी कोच हो, रेलवे काउंटर से लिया गया टिकट कंफर्म नहीं होने पर कैंसिल करवा कर काउंटर से पैसा वापस लेना होता है, लेकिन यात्री ऐसा नहीं करते हैं।

 

वह सोचते है की काउन्टर से लिए गए टिकट से वह आसानी से स्लीपर कोच में कही भी बैठकर यात्रा कर सकते है। टीटी को अधिकार है कि वह वेटिंग टिकट पर सफर कर रहे यात्री को पकड़े जाने पर अगले स्टेशन पर स्लीपर क्लास से उतर सकता है। उन्हें जनरल कोच में सफर करने के लिए भेज सकता है।

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Er. Ziyaul Islam (Chief Editor)

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