जोधपुर: Jodhpur में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सेल और पुलिस (Jodhpur Police) की संयुक्त कार्रवाई में एक निजी नर्सिंग होम (Nursing Home) संचालक को कथित रूप से अ_वैध भ्रूण लिंग जांच करते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन (Portable Ultrasound Machine) को मोबाइल (Mobile) फोन से कनेक्ट कर एप के जरिए सोनोग्राफी (Sonography) की तस्वीरें देखकर गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग बताता था। आरोपी के खिलाफ लंबे समय से भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद टीम ने डिकॉय ऑपरेशन की योजना बनाई।

सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बनाड़ स्थित श्री सागर नर्सिंग होम के संचालक ओम प्रकाश चौधरी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी सेल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जानकारी जिला कलक्टर (Jodhpur Collector Alok Ranjan) आलोक रंजन को दी गई, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर आरोपी पर निगरानी शुरू की गई।
आरोपी को पकड़ने के लिए पीसीपीएनडीटी टीम ने प्रतापगढ़ से एक गर्भवती महिला (Pregnanat Woman) को बुलाकर डिकॉय ऑपरेशन किया। महिला ने आरोपी से संपर्क किया, जिसने उसे 30 जुलाई को पावटा बुलाया। महिला के साथ एक पुलिसकर्मी उसके पति बनकर गया। आरोपी दोनों को अपनी गाड़ी में बैठाकर नर्सिंग होम की ओर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में महिला के पति बने पुलिसकर्मी को उतार दिया और महिला को नर्सिंग होम ले गया। वहां कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करते समय पहले से निगरानी कर रही टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग परीक्षण के बाद 50 हजार रुपये लिए थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने नकद राशि, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य उपकरण जब्त किए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को मोबाइल फोन से कनेक्ट कर विशेष एप के माध्यम से सोनोग्राफी की तस्वीरें देखता था और उसी आधार पर गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग बताता था।
आरोपी ओम प्रकाश चौधरी को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पीसीपीएनडीटी सेल अब यह जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस अ_वैध गतिविधि में शामिल था, उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा उसका नेटवर्क कितना बड़ा है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम, पीसीपीएनडीटी प्रोजेक्ट निदेशक सोनल मीणा, अतिरिक्त निदेशक अंजली अजीत जोरवाल तथा जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशन में की गई। डिकॉय ऑपरेशन में जयपुर पीबीआई थाना की निरीक्षक प्रीति चैची, संतोष शर्मा, सब-इंस्पेक्टर द्वारका प्रसाद, जोधपुर पीसीपीएनडीटी समन्वयक सरला दाधीच, पाली के महेश कुमार सहित राज्य एवं जिला स्तर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया