
जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय रामपुरा निवासी अमर सिंह पिछले 6-7 दिनों से न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोटा (Kota) के मेडिकल आईसीयू में भर्ती थे। उन्हें लकवे (Paralysis) के साथ निमोनिया (Pneumonia) की भी शिकायत थी। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान उनकी मौ_त हो गई।
परिजनों का आरोप- वीआईपी विजिट के नाम पर बदला गया बेड:
मृ_तक के परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात अस्पताल प्रशासन ने वीआईपी विजिट का हवाला देते हुए आईसीयू का नंबर-1 बेड खाली रखने की बात कही और अमर सिंह को दूसरे बेड पर शिफ्ट कर दिया। परिजनों का कहना है कि बेड बदलने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, उन्हें सांस लेने में दिक्कत और ठंड महसूस होने लगी। स्टाफ से एसी कम करने और मरीज पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
मृ_तक के दामाद मुकेश ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर अस्पताल स्टाफ ने सहयोग नहीं किया। बाद में उनके बेटे शक्ति ने नाराजगी जताई तो विवाद बढ़ गया और पुलिस उसे थाने ले गई।
डॉक्टरों का आरोप- रेजिडेंट से की मा_रपीट:
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, कोटा के अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि मरीज की मौ_त के बाद परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. अर्पित सिंघल और अन्य डॉक्टरों के साथ गा_ली-ग_लौज की तथा मा_रपीट की। उनका कहना है कि संबंधित डॉक्टर का मरीज के इलाज से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था क्योंकि मरीज दूसरी यूनिट में भर्ती था। घटना को लेकर अस्पताल अधीक्षक को शिकायत दी गई है।
अस्पताल अधीक्षक बोले- डॉक्टर के साथ हाथापाई गलत:
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि घटना सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुई। रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल आईसीयू में राउंड ले रहे थे, तभी मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के साथ हाथापाई की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीजों के इलाज के लिए 24 घंटे कार्य करते हैं और ऐसी घटनाएं चिकित्सकों का मनोबल गिराती हैं। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कुछ समय के लिए बाधित रही सेवाएं:
घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने कुछ समय के लिए कार्य भी रोक दिया। अस्पताल परिसर में हुए विवाद का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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