सवाई माधोपुर: राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” (Vande Ganga Water Conservation Public Campaign) का जिला स्तरीय शुभारंभ सोमवार प्रातः सूरवाल बांध पर हुआ। कृषि, उद्यानिकी ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने पीपल पूजन, जल पूजन और पौधरोपण के जरिए वृहद जल संरक्षण जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि सभी लोगों का सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने उपस्थित लोगों, आमजन, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से इसमें सक्रिय सहभागिता के लिए आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि जब आम लोग, ग्रामीण जन इससे जुड़ेंगे तभी यह अभियान सफल होगा।
उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है और इसका संरक्षण करके ही जलवायु परिवर्तन तथा धरती के बढ़ते तापमान जैसी समस्याओं से निपटा जा सकता है। जिला कलक्टर काना राम (IAS Kanaram) ने बताया कि अभियान की अवधि में जिले में 5 जून तक व्यापक स्तर पर जल संरक्षण, श्रमदान, स्वच्छता, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियां एवं जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान जल स्रोतों की सफाई और उनका संरक्षण किया जाएगा।
बारिश से हुए नुकसान, जल संरक्षण कार्यों सहित विकास पर सैकड़ों करोड़ रुपये होंगे खर्च:
राजस्थान सरकार (Govt. of Rajasthan) द्वारा 25 मई से शुरू किए गए वंदे गंगा (Vande Ganga) जल संरक्षण (Water Conservation) जन अभियान के सूरवाल बांध पर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर में कई घोषणाएं की। मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने सूरवाल बांध को मजबूती प्रदान करने तथा इसमें अधिक पानी आने पर उसे बनास नदी में ले जाने के लिए परियोजना को स्वीकृति दी है। इसके लिए 65 लाख रुपये लागत की कार्य योजना तैयार की जा रही है।
जड़ावता गांव में अतिवृष्टि से उत्पन्न जल प्लावन से निजात दिलाने के लिए 75 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। डॉ. किरोड़ी ने कहा कि सवाई माधोपुर शहर से बहने वाले लटिया नाले के पानी ने पिछले वर्ष मानसून में काफी नुकसान किया था। अब इस नाले के पानी के प्रबंधन के लिए नाले की सफाई, डि-सिलटिंग, सुरक्षा दीवार को मजबूत करने तथा दोनों किनारों पर ट्रैक बना कर सौंदर्यकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए 237 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
क्षतिग्रस्त राजबाग पुलिया का पुर्ननिर्माण करवाने के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष बारिश के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़कों को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए भी 70-70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री ने 115 करोड़ रुपये की लागत से अवाई माधोपुर में एक अमरूद फल उत्कृष्टता केंद्र (कॉमन एग्रो एण्ड फूड प्रोसेसिंग सेन्टर) शुरू करने की मंजूरी दिए जाने कि भी घोषणा की।
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