Wednesday , 21 October 2026
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जिले में मेघगर्जन के साथ वर्षा का अलर्ट जारी

सवाई माधोपुर: मौसम विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिले में मेघगर्जन के साथ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया हैं। मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण ले, पेड़ों के नीचे शरण ना ले। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दे एवं आकाशीय बिजली से कोई भी घटना होने पर सवाईमाधोपुर आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा कन्ट्रोल नंबर जिला नियंत्रण कक्ष दूरभाष नंबर 9530314000, 07462-220602 , 07462-220201 या टोल फ्री नम्बर 1077 पर तुरंत सूचित करें।

 

Alert issued for rain and thunder in Sawai madhopur

 

आकाशीय बिजली के प्रभाव को न्युनतम करने एवं रोकथाम हेतु ’क्या करें और क्या न करें’ उपायों को आमजन अपना कर सुरक्षित रहें। आकाशीय बिजली के आमजन पर पडने वाले प्रभाव को कम करने के लिए पहले ही सचेत करने हेतु आईएमडी द्वारा “दामिनी” मोबाइल एप https://play.google.com/store/apps/details?id=com.lightening.liv.damini तथा एनडीएमए द्वारा इन्टीग्रेटेड अर्लट सिस्टम ’’सचेत’’ मोबाइल एप https://sachet.ndma.gov.in/विकसित किया गया हैं।

 

 

 

आकाशीय बिजली के समय बाहर रहने के दौरान अपनाएं जाने वाले उपायः

मौसम का पूर्वानुमान देखें, घर से बाहर जाने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जाँच करें। मौसम की ताजा जानकारी रेडियो या टेलीविजन से लें यदि पुर्वानुमान गड़गड़ाहट के लिए कहता है तो बाहर जाना स्थगित कर दें। गड़गड़ाहट होने पर पक्के घर, जिनकी खिड़कियां बंद हों उनमें शरण लें । धातु की संरचना या निर्माण वाले आश्रय से बचें। यदि आप किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं हैं तो तुरंत पहाड़ियों या ऊँचे क्षेत्रों से दूर हो जाएं । बचने के लिए किसी चट्टान का उपयोग न करें व निचले स्थानों पर शरण लें।

 

 

तालाबों, झीलों और अन्य जल स्रोतों से तुरंत बाहर आएं और दूर हो जाएं। ज़मीन पर सपाट न लेटे। यदि कोई आश्रय उपलब्ध नहीं है तो अपने पैरों को एक साथ रखें अर्थात एड़ियां एक दूजे को स्पर्श करें। सिर को नीचे रखें, कान ढँक लें और आँखें बंद कर लें। यदि आपकी गर्दन के पीछे के बाल खड़े हो जाएं तो समझें कि बिजली गिरने वाली है। बिजली, फोन, धातु की बाड़ और पवन चक्की से दूर रहें। पेड़ों के नीचे खास तौर से अलग पेड़ के नीचे खड़े न रहें। ध्यान रहे कि रबड़ शोल के जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा नहीं करते हैं। बच्चो, बुर्जुगों और पशुओं को विशेष सहायता देकर बचाएं।

 

घर पर रखी जाने वाली सावधानियां:

घर, ऑफिस या अन्य स्थानों को आकाशीय बिजली से सुरक्षित माना जाता है, फिर भी कुछ सावधानियां रखकर जोखिम को कम किया जा सकता है। काले आसमान और गड़गड़ाहट सुनाई देने पर 30-30 नियम का पालन करें। घर के अंदर रहने पर भी खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। इलेक्ट्रॉनिक और बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें। इस दौरान स्नान, बर्तन धोने या पानी के सम्पर्क से बचें। बहते पानी से दूर रहें। बिजली किसी भी धातु के सम्पर्क में आकर नुकसान पहुंचा सकती है। घर के पोर्च, पार्क, खेल के मैदान, जल स्रोत, कंक्रीट के फर्श और कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें।

 

यात्रा के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां:

यदि गरज-चमक के पूर्वानुमान की चेतावनी हो तो अपनी यात्रा स्थगित कर दें। इस दौरान खुले वाहनों जैसे बाइक, गोल्फ कोर्ट से बचें। साईकिल, मोटरसाइकिल और खेत में प्रयोग के ऎसे वाहनों को जो बिजली को आकर्षित कर सकते हैं, उन्हें हटाएँ। यदि इस दौरान तैराकी या नौका विहार कर रहे हों तो पानी से तुरंत बाहर निकलें और सुरक्षित स्थान पर जाएं। तूफ़ान के दौरान वाहन में तब तक रहें , जब तक कि मदद न पहुंचे या तूफान गुजर न जाए। धातु की छत सुरक्षा देगी यदि आप धातु को न छू रहे हों।

प्राथमिक उपचार:

बिजली गिरने से पीड़ित को डॉक्टर के आने तक प्राथमिक उपचार दें। पीड़ित की साँस, धड़कन और नाडी़ को जांचें। पीड़ित के साँस नहीं लेने पर मुंह से साँस दें। पैल्स नहीं होने पर कार्डियक कम्प्रेशन (सीपीआर) भी शुरू करें। बिजली गिरने से बचे व्यक्ति की हड्डियों, आँखें, चोटों के निशान और सुनने की जाँच करें। लकवा या अधिक खून का स्त्राव कठिन हो सकता है।

 

उपचार का स्थान जोखिम वाला होने पर पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। ध्यान रहे बिजली की चपेट में आने वाले लोगों को विद्युत आवेश नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। हेल्प लाइन नंबर 1078 पर कॉल करके सटीक स्थान और पीड़ित की जानकारी दें और फिर उसे अस्पताल ले जाएं।

 

कृषि में क्या करें , क्या न करें:

तेज हवाओं के साथ गरज होने पर बागों में मशीनी सहायता ,सब्जियों में खूंटा लगाएं। यदि खेत में किसान को सुरक्षित आश्रय नहीं मिल रहा है तो क्षेत्र की सबसे ऊँची वस्तु से बचें। यदि दूर -दूर पेड़ हैं तो सबसे अच्छा संरक्षण खुले में झुकना है। पशुओं को खुले में पानी , तालाब और नदी से दूर रखें। पशुओं को पेड़ों के नीचे नहीं बांधें। जानवरों को टेक्ट्रर या अन्य धातुओं के कृषि उपकरणों से दूर रखें। खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी बाहर निकालें। कटी हुई उपज को पॉलीथिन शीट से ढंक दें। विद्युत उपकरण और डोरियों के सम्पर्क से बचें। बिजली गिरने के दौरान किसी भी धातु, टेक्ट्रर , खेत के उपकरण, साईकिल से दूर रहें क्योंकि धातु की सतहें बिजली संचालक के रूप में काम करती है।

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