
चयनित शोधार्थियों में गरीमा नागदा, प्रियंकराज सोनिग्रा, तुषार मेहता और हनुमान प्रसाद सैनी शामिल हैं। चयन के बाद चारों ने राजस्थान के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
इस उपलब्धि पर डॉ. मुकेश मीना (Dr. Mukesh Meena) ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता किसी भी शिक्षक (Teacher) के लिए सबसे बड़ा सम्मान होती है। उन्होंने सभी चयनित शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे उच्च शिक्षा (Higher Education) और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। इसे वनस्पति विज्ञान विभाग में गुणवत्तापूर्ण शोध एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण माना जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता हरिसिंह बारवाल ने बताया कि इस उपलब्धि की खुशी में डॉ. मुकेश मीना अपने पैतृक गांव नींदरड़ा जिला सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) पहुंचे, जहां उन्होंने अपने माता-पिता, परिजनों और ग्रामीणों के साथ खुशी साझा की। ग्रामीणों ने डॉ. मीना और उनके शोधार्थियों को बधाई देते हुए इसे पूरे गांव और जिले के लिए गर्व का विषय बताया। उनका कहना था कि यह सफलता क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करेगी।
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