बाड़मेर: बाड़मेर (Barmer) के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी (MLA Ravindra Singh Bhati) ने गिरल गांव में आंदोलनरत माइनिंग मजदूरों के समर्थन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को खून से तीन पन्नों का पत्र लिखा है। भाटी ने मजदूरों के साथ अपना खून मिलाकर यह चिट्ठी तैयार की, जिसमें उन्होंने मजदूरों की समस्याओं और प्रशासनिक उपेक्षा का मुद्दा उठाया है।

पत्र में लिखा गया है कि बाड़मेर के तपते रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान के बीच सैकड़ों मजदूर पिछले 45 दिनों से धरने पर बैठे हैं। मजदूर 12 घंटे की जगह 8 घंटे काम, सुरक्षा किट, आईडी कार्ड और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय स्थानीय मजदूरों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया।
भाटी (Ravindra Singh Bhati) ने पत्र में कहा कि जिन लोगों ने कभी राष्ट्र निर्माण और प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीनें दी थीं, आज वही मजदूर बनकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है, जबकि वे सिर्फ अपनी वाजिब मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
विधायक रविंद्र भाटी 5 मई से मजदूरों के साथ धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि 25 और 26 मई को बीकानेर दौरे पर आ रहे अमित शाह को यह खून से लिखी चिट्ठी सौंपी जाएगी। भाटी ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देगी और उनकी मांगों का समाधान निकाला जाएगा।
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