सवाई माधोपुर: Sawai Madhopur जिले में लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain) के बीच शनिवार सुबह स्कूल (School) जाने वाले विद्यार्थियों को उस समय असमंजस का सामना करना पड़ा, जब विद्यालयों में बच्चों के पहुंचने के बाद प्रशासन की ओर से अवकाश की घोषणा की गई। पिछले दो दिनों से बारिश (Rain) का दौर जारी है और मौसम विभाग (Meteorological Department) ने क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश (Heavy Rainfall) की संभावना जताई थी। इसके बावजूद स्कूल खुलने से पहले छुट्टी को लेकर कोई स्पष्ट आदेश सामने नहीं आया।

शनिवार सुबह विद्यार्थी रोज की तरह अपने-अपने विद्यालयों के लिए रवाना हुए। कई बच्चे स्कूल पहुंच भी गए। इसके बाद करीब सुबह 7:44 बजे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से मीडिया को अवकाश संबंधी प्रेस नोट भेजा गया। आदेश के अनुसार जिले के राजकीय एवं निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 5 सितंबर को अवकाश रखा गया।
स्कूल पहुंचने के बाद मिली छुट्टी की जानकारी:
प्रशासन के आदेश में देरी का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ा। सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे कई अभिभावकों को बाद में छुट्टी की जानकारी मिली। ऐसे में बच्चों को वापस घर लाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं रही।
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव (Water Logging) और रास्तों पर पानी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे मौसम में बच्चों के आवागमन को लेकर अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई। उनका कहना है कि यदि छुट्टी का फैसला रात में या सुबह स्कूल खुलने से पहले जारी कर दिया जाता तो बच्चों को खराब मौसम (Weather) में घर से निकलने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
प्रशासन ने दी सावधानी बरतने की सलाह:
अवकाश आदेश के साथ प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों, रपटों, झरनों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने तथा बच्चों को ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देने की सलाह भी दी गई है।
यही अपील अब प्रशासन के फैसले को लेकर सवाल भी खड़े कर रही है। जब खराब मौसम और संभावित जलभराव को लेकर पहले से चेतावनी थी, तो स्कूलों में छुट्टी का निर्णय विद्यार्थियों के घर से निकलने से पहले क्यों नहीं लिया गया?
आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
अवकाश के आदेश का असर जिले के आंगनबाड़ी (Anganwadi) केंद्रों पर भी रहेगा। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए 5 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। जिला कलक्टर (Sawai Madhopur Collector IAS Kanaram) ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CBEO) देवी लाल मीणा को संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से आदेश की पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी, लेकिन देरी की जवाबदेही कौन तय करेगा?
जारी आदेश में अवकाश के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम में एक अहम सवाल अब भी बना हुआ है-जब स्कूलों के लिए कार्रवाई की चेतावनी जारी की जा सकती है, तो खराब मौसम के बीच छुट्टी का निर्णय समय पर नहीं होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को हुई परेशानी के लिए जवाबदेही किसकी तय होगी?
अभिभावकों का कहना है कि आपदा या खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन का फैसला केवल जारी होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर जारी होकर लोगों तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है। शनिवार की घटना ने जिले में मौसम संबंधी परिस्थितियों में प्रशासनिक निर्णय और सूचना तंत्र की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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