आजकल कुछ पत्रकार बंधु यह भ्रम पाल बैठे हैं कि सोशल मीडिया (Social Media) पर सक्रिय रहकर और बड़ी-बड़ी बातें लिखकर पत्रकारिता (Journalism) के क्षेत्र में परिवर्तन लाया जा सकता है। किंतू हमारी पत्रकारिता का इतिहास साक्षी है कि वास्तविक परिवर्तन केवल संघर्ष, त्याग व सतत् प्रयासों से ही लाया गया है। हजार संगठन, प्रेस क्लब (Press Club) खड़े कर लें बदलाव नहीं आएगा, बदलाव लाने के लिए पत्रकारों (Journalists) से जुड़े प्रश्नों पर मुखर होना पड़ेगा।

रोजगार में स्थायित्व, कार्यक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, उनके व उनके बच्चों के उज्जवल भविष्य लिए अनुदान, बीमा योजनाएं के लिए मिलकर संघर्ष करना पड़ेगा। नेताओं से हाथ मिलाकर, उनकी ठहाके लगाती तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करके कोई पथ-प्रदर्शक नहीं बन जाता है। दुर्भाग्यवश, अधिकांश वरिष्ठ पत्रकार, सरकारी मासिक बंदी पर निर्भर टीम, जेबी व लेटर-हेड वाले पत्रकार संगठन व प्रेसक्लब सभी, पत्रकार हित के नाम पर केवल अपनी जेब भरने, चेहरा चमकाने और व्यक्तिगत पहचान बनाने में अधिक रुचि रखते हैं।
पत्रकारों की समस्याओं के समाधान से अधिक उनकी चिंता नेताजी और उनके आस-पास वालों से नजदीकी बनाएं रखने की दिखाई देती है। जो कल जिनके आगे-पीछे दिखाई देते थे सत्ता बदलते ही उनको छोड़कर आज वालों की कृपादृष्टि पाने को लालायित हो रहे हैं…। पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध सवाल पूछने के नाम पर तो लगता है कि उनकी टांगें कांपने लगती है, ज़बान भारी पड़ जाती हैं….।
जो लोग आज स्वयं को पत्रकारों का बड़ा हितैषी और प्रभावशाली पत्रकार सिद्ध करने में लगे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना चाहिए..। संगठन और नेतृत्वकर्ता तो मात्र वही है जिसने अपने साथियों के सुख-दुःख में भागीदारी निभाई हो और उसके हितों के लिए निरंतर संघर्ष किया हो। रिजल्ट लाने हैं, तो वह योगदान और संघर्ष से ही आ पाएगा। इसलिए केवल दावे करने से नहीं, बल्कि पत्रकारों के लिए सार्थक कार्य करने होंगे।
आईएफडब्ल्यूजे (Indian Federation of Working Journalists) संगठन इसी दिशा की ओर अग्रसर है आइए और जुड़िए जो दिखावे में नहीं, कुछ कर दिखाने में विश्वास रखता है।
संगठित रहे, सुरक्षित रहें, सम्मानित बनें।
आपका साथी
उपेन्द्र सिंह राठौड़
प्रदेशाध्यक्ष
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान (IFWJ Rajasthan)
इंडियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) -देश का प्रथम एवं अग्रणी तथा राजस्थान प्रदेश का सबसे विस्तृत इकाइयों वाला पत्रकार संगठन।विगत 76 वर्षों से पत्रकारिता की रक्षार्थ और पत्रकारों के हितार्थ समर्पित भाव से संघर्षरत पत्रकार संगठन। स्थापना वर्ष : 28 अक्टूबर 1950
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