आरोप लगने के बाद मनोज मीणा ने की आत्मह*त्या
दौसा: राजस्थान (Rajasthan) के दौरान जिले के सिकराय Sikarai) उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा (Sheetl Meena) की संदिग्ध मौ*त के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की पड़ताल के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीम ने उपकोष कार्यालय और पुरानी तहसील क्षेत्र के बाहर से बादाम शेक और कुल्फी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या नहीं। इस बीच दौसा (Dausa) जिला कोषाधिकारी रामचरण मीणा ने उपकोष कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मृ*तका के परिजनों ने अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया कि उपकोष अधिकारी मनोज मीणा छुट्टियों के दौरान भी शीतल को कार्यालय बुलाते थे और उस पर काम का दबाव बनाया जाता था।
पुलिस (Dausa Police) परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल कॉल डिटेल, कार्यालय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
जनवरी 2025 में लगी थी नौकरी:
शीतल मीणा की नियुक्ति जनवरी 2025 में कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant) के पद पर हुई थी। वह सिकराय उपकोष कार्यालय में कार्यरत थीं और मूल रूप से कैलाई गांव की निवासी थीं। उनका घर कार्यालय से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित था।
तबीयत बिगड़ने के बाद हुई थी मौत:
जानकारी के अनुसार 10 जून को ड्यूटी के दौरान शीतल की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें पहले उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर (Jaipur) के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मौ*त हो गई। मृ*तका के भाई मोहनलाल मीणा ने मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उपकोष अधिकारी मनोज मीणा और कुछ अन्य कर्मचारियों पर प्रता*ड़ना के आरोप लगाए हैं। साथ ही किसी पेय पदार्थ में वि*षैले तत्व की आशंका भी जताई है।
प्रारंभिक जांच में वि*षाक्तता की पुष्टि:
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में शीतल मीणा की मौ*त वि*षाक्तता से होने की पुष्टि हुई है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
टूटा मोबाइल और कार्यालय में खड़ी मिली स्कूटी:
घटना वाले दिन शीतल मीणा गीजगढ़ से लौटकर कार्यालय पहुंची थीं। शाम के समय उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान उनका टूटा हुआ मोबाइल फोन कार्यालय में मिला, जबकि उनकी स्कूटी पूरी रात कार्यालय परिसर में खड़ी रही। पुलिस इन सभी तथ्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है।
आरोप लगने के बाद मनोज मीणा ने की आत्मह*त्या:
शीतल की मौ*त के एक दिन बाद उपकोष अधिकारी मनोज मीणा (Manoj Meena)ने महुवा स्थित अपने घर पर आत्मह*त्या कर ली। मौके से मिले कथित सुसा*इड नोट में उन्होंने दो लोगों को अपनी मौ*त के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस बीच मनोज मीणा के भाई विक्रम मीणा ने दावा किया है कि शीतल मीणा मौ*त मामले में फंसाने की धम*कियों के कारण उनके भाई मानसिक दबाव में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भुसावर के एक नायब तहसीलदार और उसके रिश्तेदार द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी हुई है।
Sheetal Meena Manoj Meena Sikrai Dausa Case News
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया