हर मां बाप यह चाहते कि उनके बच्चे हमेशा खुश रहें, उनका भविष्य उज्जवल हो और वो हंसते खेलते बड़े हो। यही बात जब लोक अदालत ने माता पिता को समझाई तो 3 जोड़ों ने इस बात को माना की उनके अलग रहने से बच्चों का विकास बाधित होता है। हर मां बाप यह चाहते कि उनके बच्चे हमेशा खुश रहें, उनका भविष्य उज्जवल हो और वो हंसते खेलते बड़े हो। यही बात जब लोक अदालत ने माता पिता को समझाई तो 3 जोड़ों ने इस बात को माना की उनके अलग रहने से बच्चों का विकास बाधित होता है और उन्होंने साथ रहने का निर्णय किया। अपने विवादों को तिलांजलि देते हुए तीन दंपत्ति खुशी-खुशी साथ रहने के लिए राजी हुए।
वहीं एक अन्य मामले में 25 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच राजीनामे के आधार पर मामले का निस्तारण करवाया गया। मामले में महिला द्वारा भरण पोषण का दावा किया गया था, जिसमें लोक अदालत के माध्यम से उसे एक मुस्त चार लाख रुपए की राशि दिलवाई गई। इसी प्रकार एक अन्य दंपति ने भी लोक अदालत द्वारा समझाइश करने पर साथ रहने का फैसला किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित इस वर्ष की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में 637 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिनमें 483 मामलो का निस्तारण राजीनामे के आधार पर तथा 154 मामले प्रीलिटिगेशन के रहे।
लोक अदालत में कुल 2 करोड़ 24 लाख 56 हजार 674 रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। जिला मुख्यालय स्थित एडीआर सेंटर में 10 बेंचो पर तथा गंगापुर में 6 तथा बौंली, बामनवास एवं खंडार में एक-एक बेंच पर लोक अदालत के दौरान सुनवाई कर मामलों का राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया। और उन्होंने साथ रहने का निर्णय किया। अपने विवादों को तिलांजलि देते हुए तीन दंपत्ति खुशी-खुशी साथ रहने के लिए राजी हुए।
वहीं एक अन्य मामले में 25 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच राजीनामे के आधार पर मामले का निस्तारण करवाया गया। मामले में महिला द्वारा भरण पोषण का दावा किया गया था, जिसमें लोक अदालत के माध्यम से उसे एक मुस्त चार लाख रुपए की राशि दिलवाई गई। इसी प्रकार एक अन्य दंपति ने भी लोक अदालत द्वारा समझाइश करने पर साथ रहने का फैसला किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित इस वर्ष की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में 637 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिनमें 483 मामलो का निस्तारण राजीनामे के आधार पर तथा 154 मामले प्रीलिटिगेशन के रहे।
लोक अदालत में कुल 2 करोड़ 24 लाख 56 हजार 674 रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। जिला मुख्यालय स्थित एडीआर सेंटर में 10 बेंचो पर तथा गंगापुर में 6 तथा बौंली, बामनवास एवं खंडार में एक-एक बेंच पर लोक अदालत के दौरान सुनवाई कर मामलों का राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया।
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