
विधायक संदीप शर्मा (MLA Sandeep Sharma) ने कहा कि वार्डों में विकास कार्यों के लिए आर्थिक परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने पार्षदों (Ward Parshad) की समस्याओं पर ध्यान देने और बोर्ड को मिलकर काम करने की बात कही। वहीं विधायक कल्पना देवी (MLA Kalpana Devi) ने कहा कि पार्षद जनता और विधायक के बीच की कड़ी हैं। उन्होंने शहर को इंदौर (Indore) की तर्ज पर बेहतर बनाने के लिए वार्डों में ज्यादा से ज्यादा काम कराने पर जोर दिया।
पार्षद ने कर्मचारी पर लगाया फ_र्जी ड्यूटी का आरोप:
बैठक में वार्ड 23 से बीजेपी पार्षद आरडी वर्मा ने ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कर्मचारी वार्डों में काम नहीं कर रहे, लेकिन उनकी ड्यूटी वार्ड में दिखाई जा रही है।
वर्मा ने एक कर्मचारी ललित मीणा का नाम लेते हुए दावा किया कि वह करीब 6 महीने से उनके वार्ड से वेतन ले रहा है और ड्यूटी वार्ड में दिखाई जा रही है, जबकि काम निगम कार्यालय में कर रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों में कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सफाई, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की समस्याएं उठीं:
बैठक में ज्यादातर पार्षदों ने अपने वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी, टीपर की समस्या, बंद स्ट्रीट लाइट, खराब पार्क, टूटी सड़कें और सफाई कर्मचारियों के नियमित नहीं आने जैसी समस्याएं उठाईं। पार्षदों से समस्याओं की जानकारी लिखित रूप में भी एक परफॉर्मा के जरिए ली गई।
बैठक दो चरणों में हुई। पहले चरण में पार्षदों का परिचय हुआ, इसके बाद दोपहर 1 बजे लंच हुआ और 2 बजे फिर बैठक शुरू हुई।
बीजेपी में रह चुके कांग्रेस पार्षद ने कहा- मिलकर काम करेंगे:
परिचय के दौरान वार्ड 51 से कांग्रेस पार्षद योगेश विजय ने बताया कि वह पहले बीजेपी (BJP) में थे और विधायक संदीप शर्मा के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेयर (Kota Mayor) भी उनके वार्ड में रहती हैं और सभी मिलकर वार्ड के विकास के लिए काम करेंगे। बैठक में कुछ पार्षदों के परिचय को लेकर भी चर्चा रही। वहीं पार्षद राकेश पुटरा साफा, धोती-कुर्ते और चश्मे के साथ सदन में पहुंचे।
विधायकों के स्वागत पर कांग्रेस पार्षद ने उठाया सवाल:
सदन में विधायक संदीप शर्मा और कल्पना देवी के पहुंचने के बाद मेयर अनुसुईया गोस्वामी (Anusuiya Goswami) अपनी अध्यक्षीय कुर्सी से उठकर उनका स्वागत करने पहुंचीं। इस पर कांग्रेस पार्षद आईना महक (Aaina Mahak) ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा को देखते हुए अध्यक्षीय कुर्सी पर रहते हुए इस तरह नीचे जाकर स्वागत करना उचित नहीं है।
पार्षद पति को सदन से बाहर निकाला:
वार्ड 71 की पार्षद वंदना के पति अजय परिचय के दौरान सदन में पहुंच गए। बैठक शुरू होने से पहले ही अनिवार्यता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के सदन में मौजूद नहीं रहने की घोषणा की गई थी। नियमों का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।
बोर्ड बैठक से पहले कांग्रेस पार्षदों की बैठक:
नगर निगम बोर्ड (Nagar Nigam Board Kota) की बैठक से पहले कांग्रेस (Congress) कार्यालय में कांग्रेस पार्षदों की बैठक हुई। इसमें पूर्व डिप्टी मेयर सोनू कुरैशी (Former Deputy Mayor Sonu Qureshi) ने पार्षदों से सदन में अपनी बात मजबूती से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संख्या में ज्यादा होने के कारण बीजेपी पार्षद दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्षदों को दबाव में नहीं आना चाहिए।
पार्षद आईना महक ने बैठक के बहिष्कार का सुझाव दिया। उनका कहना था कि बिना एजेंडा जारी किए बोर्ड बैठक बुलाई गई है। हालांकि अन्य पार्षदों ने बैठक में शामिल होकर अपनी समस्याएं उठाने और संगठित होकर विपक्ष की भूमिका निभाने पर जोर दिया।
अमित धारीवाल बोले- महापौर से आस लगाने के बजाय अफसरों से जवाब मांगें:
इसी बैठक में कांग्रेस नेता अमित धारीवाल (Amit Dhariwal) ने नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों से नगर निगम में विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्षद महापौर से काम की उम्मीद लगाने के बजाय सीधे प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी से जवाब मांगें। उन्होंने कहा की महापौर को क्या लक्खण है। उनसे ज्यादा तो आप लोग, जो दो बार से ज्यादा जीते हो ज्यादा जानते हो।
उन्होंने पार्षदों को अपने-अपने वार्ड की समस्याओं की सूची बनाकर शुरुआती 100 दिनों का प्रायोरिटी प्लान तैयार करने को कहा। खास तौर पर सफाई व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और बंद स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
धारीवाल ने कहा कि यदि अधिकारियों की ओर से जनता के काम नहीं किए जाते हैं तो पार्षदों को उनके दफ्तरों तक जाकर जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने पार्षदों से एकजुट होकर विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील की।
टेंडर प्रक्रिया पर भी उठाएं सवाल:
नगर निगम के विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया पर अमित धारीवाल ने पार्षदों से बजट और टेंडर की जांच करने को कहा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी वार्ड में 10 हजार रुपए के काम का टेंडर 20 हजार रुपए में निकाला जा रहा है तो पार्षदों को इस पर सवाल उठाकर अधिकारियों से जवाब मांगना चाहिए।
बैठक में नगर निगम की कार्यप्रणाली, वार्डों की मूलभूत सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने अपनी-अपनी बातें रखीं।
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