सवाई माधोपुर: Sawai Madhopur शहर में मकान और भूखंडों (Plots) से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल (Digital) रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। भारत सरकार (Government of India) की नक्शा परियोजना (Map Proect) के तहत नगर परिषद (Nagar Parishad Sawai Madhopur) क्षेत्र की प्रत्येक संपत्ति का सर्वे कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Record) तैयार किया जा रहा है। अप्रैल से शुरू हुआ यह काम अब अंतिम चरण में है और दिसंबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद नागरिकों से संपत्तियों के रिकॉर्ड को लेकर दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी। इनके निस्तारण के बाद नए साल की शुरुआत में इस व्यवस्था को लागू करने की योजना है।
पट्टे की जगह जारी होगा प्रॉपर्टी कार्ड:
नई व्यवस्था में नगरीय क्षेत्र के भूखंड और मकान मालिकों को यूआर कार्ड (UR Card) (प्रॉपर्टी कार्ड) जारी किया जाएगा। इसमें संपत्ति के स्वामित्व और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। नगर परिषद (Nagar Parishad) के अनुसार, यह कार्ड पट्टे के समान मान्य होगा। इससे संपत्ति से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने के साथ बैंक से लोन लेने में भी सुविधा मिल सकेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से संपत्ति की सीमाओं को लेकर होने वाले विवाद कम करने और शहरी नियोजन व विकास कार्यों को बेहतर बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सर्वे के दौरान इन दस्तावेजों की होगी जरूरत:
सर्वे टीम प्रत्येक प्लॉट का लोकेशन सर्वे (GT), मौके पर सत्यापन और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान करेगी। नगर परिषद ने संपत्ति मालिकों से सर्वे के दौरान सहयोग करने की अपील की है। इसके लिए निम्न दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे:
- संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज
- वर्तमान कर रसीद
- पहचान पत्र और मोबाइल नंबर
- प्लॉट मालिक की फोटो
- प्लॉट या संपत्ति की फोटो
- संपत्ति से संबंधित अन्य उपलब्ध दस्तावेज
सर्वे के लिए कोई शुल्क नहीं:
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि सर्वे का काम सरकारी अधिकृत कर्मचारियों की टीम करेगी, जिनके पास नक्शा सर्वे का पहचान पत्र होगा। सर्वे के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे दस्तावेज देने से पहले सर्वे टीम का पहचान पत्र जांच लें और किसी अनधिकृत व्यक्ति को अपने दस्तावेज न सौंपें।
राजस्थान के 10 शहरों में चल रही परियोजना:
नक्शा परियोजना के तहत सवाई माधोपुर के अलावा बगरू (Bagru), भिवाड़ी (Bhiwadi), बहरोड़ (Behror), जैसलमेर (Jaisalmer), पुष्कर (Pushkar), ब्यावर (Beawar), नवलगढ़ (Nawalgarh), किशनगढ़ (Kishangarh) और नाथद्वारा (Nathdwara) को भी शामिल किया गया है।
सहायक नगर नियोजन, नगर परिषद सवाई माधोपुर (Assistant Town Planner, Municipal Council, Sawai Madhopur) रणधीर मीरवाल ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से नगरीय क्षेत्र की प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी और आमजन को संपत्ति संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
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