नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Government of India) ने पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी (Export Duty) की नई दरें जारी कर दी हैं। 1 अक्टूबर 2026 से डीजल (Diesel) और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel – ATF) के निर्यात शुल्क में बदलाव लागू होगा। वहीं, पेट्रोल (Petrol) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नई दरें आज यानि 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगी। सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की समय-समय पर समीक्षा करती है।
पेट्रोल पर ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं:
पेट्रोल के निर्यात पर 0.5 रुपए प्रति लीटर SAED पहले की तरह लागू रहेगा। वहीं, पेट्रोल (Petrol Price) पर RIC की दर शून्य है। यानी ताजा समीक्षा में पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मार्च 2026 में शुरू हुई थी व्यवस्था:
पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर SAED और RIC की व्यवस्था 27 मार्च 2026 से लागू की गई थी। सरकार ने पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से इन उत्पादों के निर्यात पर शुल्क लगाया था।
इसका उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को हतोत्साहित करना और घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता को बनाए रखना था।
हर 15 दिन में होती है शुल्क की समीक्षा:
पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी की दरों की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाती है। इससे पहले 16 सितंबर 2026 से दरों में बदलाव किया गया था।
नई दरें तय करते समय पिछली समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल पर असर नहीं:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए जारी होने वाले पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ताजा फैसला मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले शुल्क से संबंधित है।
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