गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जोखिम को कम करने के लिए हर महीने की 9 तारीख से सभी चिकित्सकीय संस्थानों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है।
शनिवार 9 सितम्बर को जिले में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाओं की जाँच एवं उपचार किया गया।
जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में निजी चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ प्रदान की। अभियान के अंतर्गत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी समस्त जानकारी प्रदान की जा रही है, साथ ही प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा जांच एवं उपचार किया जा रहा है।
गर्भवती महिलाओं की गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व जांच सुविधाएं देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जा रहा है। अभियान में निजी चिकित्सकों का भी खासा उत्साह नजर आ रहा है। इन निजी चिकित्सकों द्वारा अभियान के अंतर्गत स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। चिकित्सक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क प्रसवपूर्व जांच कर रहे हैं, निःशुल्क सेवाएँ देने के इच्छुक निजी चिकित्सालयों के चिकित्सक अभियान से जुड़ सकते हैं। इच्छुक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ pmsma.nhp.gov.in वेबसाइट पर विजिट कर अपना पंजीकरण करवाकर अभियान से जुड़ सकते हैं और अपनी निशुल्क सेवाएं लाभार्थी महिलाओं को प्रदान कर सकते हैं। अभियान में सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की एच. बी., एच.आई.वी. , सिफलिस, बी. पी. , तापमान की जाँच, ह्रदय स्पंदन की जाँच सहित जटिलता की जांच की जा रही है, साथ ही उन्हें आई.एफ.ए. , कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयाँ प्रदान की जा रही हैं। अभियान शीतकाल (1 अक्टूबर से 31 मार्च ) में प्रातः 9 से दोपहर 3 बजे तक और ग्रीष्मकाल (1 अप्रैल से 30 सितम्बर) में प्रातः 8 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि अभियान का शुभारंभ विगत 09 जून 2016 से किया गया था। अभियान के दौरान सुनिश्चित किया जा रहा है कि दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिला का कम से कम एक बार चिकित्सक हैल्थ चैकअप जरूर करें। इस प्रकार अभियान के दौरान गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जोखिम के कारणों का समय पर पता लग पा रहा है। तथा इससे विभिन्न कारणों से होने वाली असमय मृत्यु के खतरे पर को काफी हद तक कम करने में मदद मिल रही है। अभियान के दौरान अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका उपचार किया जा रहा है। और किसी भी प्रकार की जटिलता पाए जाने पर 104 जननी एक्सप्रेस वाहन के जरिए निशुल्क उच्च चिकित्सा संस्थान पर रैफर किया जा रहा है।
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