नई दिल्ली: अगर आप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai ExpressWay) पर सफर करते हैं तो अब ड्राइविंग (Driving) के दौरान पहले से अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। सड़क हादसों में कमी लाने और ट्रैफिक व्यवस्था (Traffic) को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India) ने लेन अनुशासन को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब बिना इंडिकेटर दिए या अचानक लेन बदलने वाले वाहन चालकों का ऑनलाइन ई-चालान (E-Challan) काटा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, नए नियम (Delhi-Mumbai ExpressWay New Rule)के लागू होने के बाद शुरुआती पांच दिनों में ही 500 से अधिक वाहनों के ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। एनएचएआई (NHAI) का मानना है कि इस व्यवस्था से एक्सप्रेसवे (ExpressWay) पर होने वाले सड़क हादसों में कमी आएगी और चालक ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) का अधिक गंभीरता से पालन करेंगे।
अचानक लेन बदलना बन रहा हादसों की बड़ी वजह:
एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर होने वाले अधिकांश गंभीर हादसों की प्रमुख वजह तेज रफ्तार (High Speed) में अचानक लेन बदलना है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं। ऐसे में यदि कोई चालक बिना संकेत दिए अचानक लेन बदलता है तो पीछे से आ रहे वाहन को प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिल पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, भारी वाहन चालकों द्वारा अचानक लेन बदलने की घटनाएं भी कई हादसों का कारण बनी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए लेन अनुशासन को सख्ती से लागू किया गया है।
एआई कैमरे करेंगे निगरानी:
नए नियमों के पालन के लिए एक्सप्रेसवे पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और एआई (AI) आधारित कैमरों (AI Camera) के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर लगभग हर दो किलोमीटर की दूरी पर हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं, जो आगे और पीछे तक वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
यदि कोई वाहन चालक बिना इंडिकेटर लेन बदलता है, अचानक कट मारता है या लेन अनुशासन का उल्लंघन करता है, तो कैमरे उसकी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसके बाद सिस्टम स्वतः ई-चालान तैयार कर वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज देता है।
स्पीड लिमिट और लेन नियमों का पालन जरूरी
एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग लेनों के लिए गति सीमा भी निर्धारित की है। तेज गति से चलने वाले हल्के वाहन जैसे कारों के लिए दाईं ओर की लेन निर्धारित है, जबकि अन्य लेनों में निर्धारित गति सीमा के अनुसार वाहन चलाना अनिवार्य है। ओवरटेक करते समय भी इंडिकेटर देना और सुरक्षित तरीके से लेन बदलना जरूरी होगा।
इन नियमों का उल्लंघन भी पड़ेगा भारी
लेन बदलने के अलावा एआई कैमरे रॉन्ग साइड ड्राइविंग, निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी वाहन खड़ा करने और अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी नजर रखेंगे। ऐसे मामलों में भी संबंधित वाहन का ई-चालान जारी किया जाएगा।
एनएचएआई ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित लेन में वाहन चलाएं और इंडिकेटर का सही उपयोग करें। इससे न केवल चालान से बचा जा सकेगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया