दौसा: Dausa जिले की सिकंदरा थाना पुलिस (Sikandra Thana Police Dausa) ने असली सोना (Gold) बताकर नकली सोने की माला बेचने और व्यापारी से 15 लाख रुपए की ठ_गी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13.60 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। पुलिस (Dausa Police) के अनुसार, गिरोह कई जिलों में इसी तरीके से 25 से अधिक ठ_गी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

सोने की माला का लालच देकर 15 लाख ठ_गे:
पुलिस (Rajashtan Police) के मुताबिक, बासड़ा (Basda, Dausa) निवासी कमलेश सैनी ने 26 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी की बांदीकुई (Bandikui) रोड पर श्रीराम फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से दुकान है। करीब डेढ़ महीने पहले दो आरोपी ग्राहक बनकर उसकी दुकान पर आए और सामान खरीदने के दौरान सोने जैसा एक टुकड़ा दिखाकर उसे असली बताया। आरोपियों ने परिवादी से एक लाख रुपए एडवांस भी ले लिए।
इसके बाद आरोपियों ने 800 ग्राम सोना मिलने की बात कहते हुए 15 लाख रुपए में सौदा तय किया। 24 सितंबर को व्यापारी को जयपुर (Jaipur) के ट्रांसपोर्ट नगर बुलाया गया, जहां आरोपियों ने सोने जैसी धातु से बनी मालाएं देकर 14 लाख रुपए नकद ले लिए। बाद में राजाधोक पहुंचकर तेजाब से जांच की गई तो माल नकली निकला।
350 किलोमीटर क्षेत्र के CCTV कैमरे खंगाले:
थाना इंचार्ज सुरेंद्र सिंह के अनुसार, मामले की जांच के लिए सिकंदरा थाना पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल से लेकर करीब 350 किलोमीटर के क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की पारंपरिक जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस ने 3 अक्टूबर को जालोर (Jalore) जिले के रहने वाले तीन आरोपियों को डीडवाना-कुचामन (Didwana-Kuchanman) जिले के मंगलाना (Manglana) गांव से गिरफ्तार किया।
पहले असली सोने से जीतते थे भरोसा:
पुलिस के अनुसार, आरोपी मंदिरों (Temples), रेलवे स्टेशन (Railway Station), बस स्टैंड (Bas Stand), रैन बसेरों और धर्मशालाओं के आसपास किराए पर मकान लेकर महिलाओं और बच्चों के साथ रहते थे। इसके बाद 20 से 30 किलोमीटर दूर कस्बों और बाजारों में जाकर व्यापारियों की रेकी करते थे।
आरोपी पहले दुकानदारों से छोटी-मोटी खरीदारी कर संपर्क बनाते और फिर सड़क की खुदाई में सोने की बड़ी माला मिलने की कहानी सुनाते थे। विश्वास जीतने के लिए असली सोने का छोटा टुकड़ा देते थे, जिसकी सुनार से जांच कराने पर उसके असली होने की पुष्टि हो जाती थी। इसके बाद नकली सोने की माला का सौदा कर व्यापारी को दूसरे जिले या दूर स्थान पर बुलाते और पैसे लेकर फरार हो जाते थे। गिरोह के अन्य सदस्य आसपास रहकर निगरानी भी करते थे।
कई जिलों में 25 से ज्यादा वारदातों का खुलासा:
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दौसा (Dausa), नागौर (Nagaur), बीकानेर (Bikaner), जयपुर ग्रामीण (Jaipur Rural), चूरू (Churu), सीकर (Sikar), झुंझुनूं (Jhunjhunu), पाली (Pali) और बांसवाड़ा (Banswara) सहित कई क्षेत्रों में ठ_गी की वारदातें करना स्वीकार किया है। सामने आई घटनाओं में सिकंदरा (Sikandra) में 15 लाख, महवा (Mahwa) में 13 लाख, मेड़ता रोड (Merta Road) में 7 लाख, फुलेरा (Phulera) में 6 लाख और रतनगढ़ (Ratangarh) में 5 लाख रुपए की ठ_गी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक 25 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। मामले में आरोपियों से पूछताछ और अन्य वारदातों के संबंध में जांच जारी है।
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